
भारत सरकार की अक्टूबर 2025 में आयोजित कैबिनेट बैठक ने देश के विकास एजेंडे को नई गति देने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लिए गए निर्णय शिक्षा, रेलवे और कृषि—तीनों क्षेत्रों में दूरगामी प्रभाव डालने वाले हैं। ये फैसले आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में ठोस कदम साबित हो सकते हैं।
🎓 शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार : 57 नए केंद्रीय विद्यालय
देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने 57 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दी है।
- इसका उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना है।
- इससे न केवल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि शिक्षकों और स्थानीय युवाओं के लिए नए रोज़गार के अवसर भी सृजित होंगे।
- यह निर्णय “सर्व शिक्षा से उत्कृष्ट शिक्षा” के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
🚆 रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण : बहु-ट्रैकिंग परियोजनाएँ
कैबिनेट ने रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए कई बहु-ट्रैकिंग (Multi-Tracking) परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
- इन परियोजनाओं से माल और यात्री दोनों की आवाजाही में गति आएगी।
- औद्योगिक गलियारों और बंदरगाहों से जुड़ी कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- लॉजिस्टिक्स लागत घटने से भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
🌱 दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की पहल : “मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज़”
कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु सरकार ने “मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज़” की शुरुआत की है।
- भारत अभी तक दालों के आयात पर काफी निर्भर रहा है, जिसे कम करने का यह रणनीतिक प्रयास है।
- इस मिशन के तहत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, आधुनिक तकनीक, और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- लक्ष्य है कि आने वाले कुछ वर्षों में देश दाल उत्पादन में पूर्ण आत्मनिर्भर बन जाए।
📊 फैसलों का व्यापक प्रभाव
- शिक्षा : नए विद्यालयों से लाखों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा प्राप्त होगी।
- अवसंरचना : रेलवे परियोजनाएँ आर्थिक गति, क्षेत्रीय संतुलन और औद्योगिक विकास को नई दिशा देंगी।
- कृषि : दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को स्थिर मूल्य पर पोषक आहार मिलेगा।
🏁 निष्कर्ष
अक्टूबर 2025 की कैबिनेट बैठक यह स्पष्ट संकेत देती है कि सरकार का ध्यान संतुलित और समग्र विकास पर केंद्रित है।
शिक्षा से मानव पूंजी का सशक्तिकरण, रेलवे से आर्थिक प्रवाह की सुगमता और कृषि में आत्मनिर्भरता—ये तीनों स्तंभ भारत को दीर्घकालिक विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं।