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📰 पत्रकारिता की स्वतंत्रता और उसका महत्व : एक विश्लेषणात्मक दृष्टि


✍️ प्रस्तावना

पत्रकारिता केवल खबरें पहुँचाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक समाज की आत्मा है। सच्चाई की खोज में जब कोई पत्रकार जोखिम उठाता है, तो वह सिर्फ पेशे का नहीं, बल्कि जनसरोकार का दायित्व निभा रहा होता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरेस ने ठीक ही कहा है — “जब पत्रकारों की आवाज़ दबा दी जाती है, तब समाज अपनी आत्मा खो देता है।” यह विचार हमें याद दिलाता है कि प्रेस की आज़ादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की साझी जिम्मेदारी है।


⚠️ पत्रकारों के सामने बढ़ती चुनौतियाँ

आज के दौर में पत्रकारिता सबसे कठिन पेशों में से एक बन चुकी है।


🌍 प्रेस स्वतंत्रता का लोकतंत्र से संबंध


⚖️ जवाबदेही और सुरक्षा की ज़रूरत


🌟 निष्कर्ष

पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीवनरेखा है। यदि पत्रकारों की आवाज़ को दबा दिया गया, तो समाज अंधकार में डूब जाएगा। अतः हर नागरिक, संस्था और सरकार का यह दायित्व है कि वे प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा करें और उन लोगों के साथ खड़े हों जो सत्य को उजागर करने का साहस रखते हैं।


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