
अमेरिका में चल रहा एसएनएपी (Supplemental Nutrition Assistance Program) यानी पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम, लंबे समय से उन लोगों के लिए सहारा बना हुआ है जो आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं। हाल के दिनों में इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है, खासकर तब जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस योजना की तीखी आलोचना की।
🥗 एसएनएपी का मूल उद्देश्य
- इस योजना का मकसद कम आय वाले नागरिकों को पौष्टिक और पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराना है।
- इसका सिद्धांत यह है कि सहायता केवल उन्हीं तक पहुँचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है।
⚖️ विवाद की जड़
- ट्रंप का आरोप है कि बाइडेन प्रशासन के दौरान इस योजना के तहत “बिना नियंत्रण के” लाभ वितरित किए गए, जिससे सरकारी खर्च में तेज़ वृद्धि हुई।
- उनका कहना है कि यह योजना जरूरतमंदों के बजाय “सभी के लिए खुला दरवाज़ा” बन गई है।
- उन्होंने यह भी इशारा किया कि जब तक डेमोक्रेट्स प्रशासनिक सुधार नहीं करते, तब तक इस वितरण प्रणाली में बदलाव कठिन रहेगा।
📊 वास्तविकता और मौजूदा चुनौतियाँ
- कोविड-19 महामारी के समय अमेरिका में बेरोज़गारी और महंगाई दोनों ने मिलकर लाखों परिवारों को आर्थिक संकट में डाल दिया।
- ऐसे में सरकार ने राहत देने के लिए एसएनएपी बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की।
- समर्थकों का कहना है कि यह कदम उस कठिन दौर में आवश्यक था, जबकि आलोचकों का मत है कि ढीली निगरानी के कारण इस योजना का दुरुपयोग हुआ।
🌍 सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
- एसएनएपी केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि अमेरिकी सामाजिक नीति और आर्थिक संतुलन का भी अहम हिस्सा है।
- अगर इस योजना में कटौती होती है, तो लाखों परिवार भोजन असुरक्षा का सामना कर सकते हैं, जिससे गरीबी और असमानता बढ़ सकती है।
- वहीं, अगर लाभ वितरण पर नियंत्रण नहीं रखा गया, तो संघीय बजट पर भारी दबाव पड़ सकता है।
📝 निष्कर्ष
एसएनएपी को लेकर जारी बहस केवल वित्तीय निर्णय नहीं, बल्कि अमेरिकी राजनीति के दो विचारधारात्मक ध्रुवों को भी सामने लाती है—
एक ओर वे हैं जो मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं,
जबकि दूसरी ओर वे हैं जो वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही की वकालत करते हैं।
आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका किस दिशा में आगे बढ़ता है—
क्या वह हर नागरिक की थाली भरने का संकल्प बनाए रखेगा या सरकारी खर्चों को सीमित करने के रास्ते पर चलेगा।