
10 नवंबर 2025 को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक ऐतिहासिक घोषणा की—स्विट्ज़रलैंड अब औपचारिक रूप से हॉराइजन यूरोप कार्यक्रम का हिस्सा बन गया है।
यह निर्णय केवल दो देशों के बीच साझेदारी नहीं, बल्कि वैश्विक विज्ञान और प्रौद्योगिकी जगत में सहयोग की नई परिभाषा प्रस्तुत करता है।
🔬 हॉराइजन यूरोप क्या है?
हॉराइजन यूरोप यूरोपीय संघ का सबसे बड़ा अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है, जिसका कुल बजट करीब €95 बिलियन है।
इसका उद्देश्य है—
- अग्रणी वैज्ञानिक शोध को प्रोत्साहन देना,
- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान ढूंढ़ना,
- स्वास्थ्य, डिजिटल रूपांतरण और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई तकनीकी दिशा प्रदान करना।
यह कार्यक्रम यूरोप को 21वीं सदी में वैश्विक अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित करने की नींव रखता है।
🇨🇭 स्विट्ज़रलैंड की वैज्ञानिक विरासत
स्विट्ज़रलैंड लंबे समय से विज्ञान, तकनीक और नवाचार का गढ़ माना जाता है।
यहाँ स्थित संस्थान — CERN, ETH Zurich, और EPFL Lausanne — विश्व के अग्रणी अनुसंधान केंद्रों में गिने जाते हैं।
हॉराइजन यूरोप में पुनः शामिल होकर स्विट्ज़रलैंड फिर से उस सहयोगी यूरोपीय वैज्ञानिक परिवार का हिस्सा बन गया है, जिससे उसके शोधकर्ताओं को नई गति और अवसर प्राप्त होंगे।
🤝 साझेदारी के बहुआयामी लाभ
इस नई साझेदारी से यूरोपीय संघ और स्विट्ज़रलैंड दोनों को लाभ होगा —
- संयुक्त अनुसंधान: दोनों पक्षों के वैज्ञानिक अब जलवायु, स्वास्थ्य और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझा परियोजनाएँ चला सकेंगे।
- फंडिंग और संसाधन: स्विस विश्वविद्यालय और संस्थान अब यूरोपीय अनुदानों के लिए योग्य होंगे।
- मानव संसाधन की गतिशीलता: छात्रों, शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों को यूरोप भर में काम करने व अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे।
🌍 वैश्विक परिदृश्य पर प्रभाव
स्विट्ज़रलैंड की वापसी से यूरोप की वैज्ञानिक शक्ति और भी सुदृढ़ होगी।
यह गठबंधन जलवायु संकट, महामारी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों से निपटने में ठोस समाधान विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।
🗣️ राजनीतिक संकेत और संदेश
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को “दो अनुसंधान महाशक्तियों का संगम” बताया।
उनके अनुसार, यह साझेदारी विज्ञान के माध्यम से यूरोपीय एकता की आत्मा को मजबूत करती है — जहाँ सीमाएँ नहीं, साझा प्रयास और नवाचार मुख्य मूल्य हैं।
✨ निष्कर्ष
स्विट्ज़रलैंड का हॉराइजन यूरोप में पुनः प्रवेश केवल एक कूटनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि विज्ञान, नवाचार और वैश्विक सहयोग का ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
यह कदम आने वाले वर्षों में यूरोप को अनुसंधान और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।