
हर साल 11 नवंबर को अमेरिका में वेटरन्स डे मनाया जाता है — यह दिन उन सभी वीरों को समर्पित है जिन्होंने अपने साहस, समर्पण और त्याग से देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। यह केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि एक ऐसा वादा है कि हम अपने सैनिकों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे — युद्धभूमि से लेकर उनके घर तक।
✊ वेटरन्स डे का वास्तविक अर्थ
- यह दिवस उन सभी सैनिकों — पुरुषों और महिलाओं — को श्रद्धांजलि अर्पित करता है जिन्होंने अमेरिकी सेना में गर्व से सेवा दी, चाहे वह युद्ध का समय रहा हो या शांति का दौर।
- यह एक अवसर है उनके बलिदान को स्मरण करने का और यह सुनिश्चित करने का कि समाज और सरकार दोनों उन्हें वह सम्मान, सहायता और अवसर दें जिसके वे हकदार हैं।
🗣️ नैन्सी पेलोसी का संदेश: नैतिक चेतना की पुकार
अमेरिकी कांग्रेस की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने वेटरन्स डे पर अपने संदेश में लिखा:
“हमारा नैतिक कर्तव्य पहले से कहीं अधिक गहरा है — हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर वेटरन को वह देखभाल और लाभ मिले जो उन्होंने अपनी सेवा से अर्जित किए हैं।”
उनके इस वक्तव्य में तीन मूलभूत सिद्धांत निहित हैं:
- सम्मान का अधिकार — सैनिकों का गौरव केवल वर्दी तक सीमित नहीं, बल्कि जीवनभर उनके साथ रहना चाहिए।
- सामाजिक जिम्मेदारी — वेटरन्स की भलाई में न केवल सरकार बल्कि समाज का भी समान दायित्व है।
- नैतिक संवेदनशीलता — यह केवल नीतिगत विषय नहीं, बल्कि एक नैतिक प्रतिज्ञा है कि हम अपने सैनिकों को कभी भुलाएँ नहीं।
🏥 वेटरन्स की वर्तमान चुनौतियाँ
वेटरन्स के लिए अमेरिका में अनेक योजनाएँ हैं, फिर भी कई समस्याएँ उनके जीवन को प्रभावित करती हैं —
- मानसिक स्वास्थ्य की जटिलताएँ, विशेषकर PTSD (पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर)
- रोजगार और पुनर्वास की कठिनाइयाँ
- स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच
इन समस्याओं से पार पाना केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं; इसके लिए समाज की भागीदारी और सहानुभूति आवश्यक है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना किसी एक देश तक सीमित नहीं है। भारत सहित कई राष्ट्र अपने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। भारत में पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड, सैनिक सम्मान दिवस और एक्स-सर्विसमेन योजनाएँ इसी सोच को साकार करती हैं।
🔚 निष्कर्ष
वेटरन्स डे केवल कैलेंडर की एक तिथि नहीं, बल्कि एक विचारधारा है — कि हम अपने रक्षकों को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे। नैन्सी पेलोसी का संदेश इस भावना को सशक्त बनाता है कि सैनिकों का सम्मान केवल युद्धभूमि पर नहीं, बल्कि उनके पूरे जीवनकाल तक हमारा दायित्व है।
🇺🇸 “जैसे युद्ध में हम किसी साथी को पीछे नहीं छोड़ते, वैसे ही जब वे घर लौटते हैं, तब भी उन्हें पीछे नहीं छोड़ना हमारा कर्तव्य है।” — यही है वेटरन्स डे की सच्ची आत्मा।