
11 नवंबर 2025 को जब पोलैंड ने गर्व और उत्साह के साथ अपना राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस मनाया, उसी दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पोलिश जनता के नाम एक भावनात्मक संदेश भेजा। यह केवल बधाई का शब्द नहीं था, बल्कि यूरोप में स्वतंत्रता, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।
🇺🇦 ज़ेलेंस्की का संदेश: “स्वतंत्रता के लिए एकजुट रहना होगा”
ज़ेलेंस्की ने अपने आधिकारिक संदेश में पोलैंड के राष्ट्रपति @NawrockiKn और प्रधानमंत्री @donaldtusk को संबोधित करते हुए लिखा कि यूक्रेन और पोलैंड के बीच का संबंध अब केवल सीमाओं का नहीं, बल्कि दिलों का रिश्ता बन गया है। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा 24 फरवरी 2022 को शुरू किए गए युद्ध के बाद पोलैंड ने जिस तरह यूक्रेन के साथ खड़ा होकर समर्थन दिया, वह इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने यह भी जोड़ा—“हम दोनों देश तभी मज़बूत रह सकते हैं जब हम एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें। स्वतंत्रता कोई उपहार नहीं, बल्कि साझा संघर्ष का परिणाम है।”
🤝 पोलैंड-यूक्रेन सहयोग: मानवता और साहस का उदाहरण
रूस-यूक्रेन युद्ध के कठिन समय में पोलैंड ने यूक्रेन के लिए मानवता का असाधारण उदाहरण पेश किया। लाखों शरणार्थियों के लिए अपने दरवाज़े खोलने से लेकर सैन्य और मानवीय सहायता प्रदान करने तक—पोलैंड की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
ज़ेलेंस्की का यह संदेश उसी गहरी कृतज्ञता का प्रतीक है, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को “रणनीतिक साझेदारी” से आगे बढ़ाकर “मानवीय बंधन” में बदल दिया है।
🌍 यूरोप की एकता और स्वतंत्रता का साझा संकल्प
अपने संदेश में ज़ेलेंस्की ने यह स्पष्ट किया कि यूरोप की असली ताकत उसकी एकजुटता में है। उन्होंने कहा,
“हमें मज़बूत रहना होगा और यूरोप के साथ कदम मिलाकर चलना होगा—क्योंकि जब हम एक साथ खड़े होते हैं, तभी स्वतंत्रता सुरक्षित रहती है।”
उनके इन शब्दों में न केवल यूक्रेन और पोलैंड के लिए संदेश छिपा था, बल्कि यह पूरे यूरोप के लिए एक चेतावनी भी थी—कि स्वतंत्रता की रक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि एकजुटता की भावना में होती है।
🇵🇱 पोलैंड का स्वतंत्रता दिवस: संघर्ष से स्वतंत्रता तक का सफर
हर वर्ष 11 नवंबर को पोलैंड अपने राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में उस ऐतिहासिक क्षण को याद करता है जब 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के बाद देश ने स्वतंत्रता प्राप्त की थी। यह दिन पोलिश जनता के साहस, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है।
इस वर्ष का उत्सव खास रहा क्योंकि पोलैंड ने न केवल अपनी स्वतंत्रता का सम्मान किया, बल्कि यूक्रेन के संघर्ष के साथ एकजुटता भी जताई—जो पूरे यूरोप में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
✍️ निष्कर्ष
ज़ेलेंस्की का संदेश केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था—यह यूरोप के लिए एक प्रेरक घोषणा थी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता की रक्षा केवल हथियारों से नहीं, बल्कि दिलों की एकता और साझा उद्देश्य से होती है।
पोलैंड और यूक्रेन की यह मित्रता आज उस नई यूरोपीय चेतना का प्रतीक बन रही है, जो कहती है—
“स्वतंत्रता तभी सुरक्षित है, जब हम साथ खड़े हैं।”