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🇪🇺 ईयू ने समाप्त की कम मूल्य वाले पार्सलों पर शुल्क छूट: उपभोक्ता सुरक्षा और निष्पक्ष बाज़ार की दिशा में ऐतिहासिक फैसला


यूरोपीय संघ (EU) ने एक बड़ा आर्थिक सुधार लागू करते हुए उन सभी पार्सलों पर सीमा शुल्क छूट खत्म करने की घोषणा की है, जो अब तक “कम मूल्य” के कारण बिना किसी कर या जाँच के EU में प्रवेश पा रहे थे। यह निर्णय सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में लिया गया और इसकी औपचारिक घोषणा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की।

📦 नया नियम क्या कहता है?

अब से यूरोपीय संघ की सीमाओं में प्रवेश करने वाला हर पार्सल — चाहे उसकी कीमत कितनी भी कम हो — सीमा शुल्क की सामान्य प्रक्रिया से गुजरेगा।
पहले €150 (लगभग ₹13,000) तक के पार्सलों को इस प्रक्रिया से छूट दी गई थी, जिसके कारण विशेष रूप से चीन से आने वाले छोटे और सस्ते उत्पादों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रही थी।

🎯 बदलाव का उद्देश्य

1. समान प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना:
स्थानीय यूरोपीय व्यवसाय लंबे समय से शिकायत कर रहे थे कि विदेशी, खासकर एशियाई ई-कॉमर्स विक्रेता सस्ते दामों पर माल भेजकर अनुचित लाभ उठा रहे हैं। नई नीति से अब सभी विक्रेताओं को एक समान कर और नियमों का पालन करना होगा।

2. उपभोक्ताओं की सुरक्षा:
कम मूल्य के पार्सलों की जांच न होने से उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा संदिग्ध रहती थी। अब प्रत्येक पार्सल निरीक्षण के दायरे में आएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद उत्पाद मिल सकेंगे।

3. सीमा शुल्क प्रणाली की कार्यक्षमता:
पिछले कुछ वर्षों में छोटे पार्सलों की बाढ़ ने कस्टम विभागों पर भारी दबाव डाला था। नई व्यवस्था से जांच प्रक्रिया व्यवस्थित होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

🌍 चीन से आने वाले उत्पादों पर विशेष ध्यान

यह कदम खास तौर पर चीन जैसे देशों से आने वाले अत्यधिक सस्ते ई-कॉमर्स उत्पादों पर नियंत्रण लाने की दिशा में देखा जा रहा है। यूरोपीय बाज़ार में चीनी सामान की भरमार ने स्थानीय निर्माताओं के अस्तित्व को चुनौती दी थी। अब हर पार्सल का पंजीकरण और मूल्यांकन अनिवार्य होने से गुणवत्ता नियंत्रण और कर संग्रह दोनों में पारदर्शिता आएगी।

⚙️ संक्रमणकालीन प्रावधान

EU आयोग ने सदस्य देशों को यह आश्वासन दिया है कि नई प्रणाली लागू करते समय व्यापारिक गतिविधियों में बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहायता दी जाएगी। इस संक्रमणकाल के दौरान सीमा शुल्क विभागों को आधुनिक डिजिटल उपकरणों से सशक्त किया जाएगा।

📌 निष्कर्ष

यह नीति परिवर्तन न केवल यूरोपीय व्यापार प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाएगा, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और स्थानीय उद्योगों के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे यह स्पष्ट है कि यूरोपीय संघ अब वैश्विक ई-कॉमर्स को संतुलित, जिम्मेदार और निष्पक्ष ढंग से संचालित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।


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