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🌍 अमेरिका की COP30 से दूरी पर नैंसी पेलोसी की चिंता: जलवायु नेतृत्व की नई पुकार


🔰 प्रस्तावना

आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की विकराल चुनौती से जूझ रही है। ऐसे समय में COP30 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की भूमिका और भी अहम हो जाती है, जहाँ देश मिलकर पृथ्वी के भविष्य की दिशा तय करते हैं। हाल ही में अमेरिका की वरिष्ठ डेमोक्रेटिक नेता और पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने इस सम्मेलन में अमेरिका की संभावित अनुपस्थिति पर गहरी निराशा और चिंता जताई है।

🎤 नैंसी पेलोसी की प्रतिक्रिया

एक प्रेस वार्ता के दौरान पेलोसी ने कहा:

“जब पूरी दुनिया जलवायु संकट की गिरफ्त में है, तब अमेरिका को पीछे नहीं, बल्कि आगे बढ़कर नेतृत्व करना चाहिए। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए निर्णायक कदम उठाने होंगे — यह हमारा कर्तव्य है, हमारी नैतिक जिम्मेदारी है और सृष्टि के प्रति श्रद्धा का प्रमाण भी।”

उनका यह वक्तव्य ऐसे समय आया जब अमेरिका की COP30 में आधिकारिक भागीदारी को लेकर अस्पष्टता बनी हुई थी।

🌿 SEEC की भूमिका और प्रतिबद्धता

इस मौके पर हाउस सस्टेनेबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट कोएलिशन (SEEC) के सदस्य भी उनके साथ मौजूद थे। यह संसदीय समूह अमेरिका में स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। पेलोसी और उनके सहयोगियों ने दोहराया कि अमेरिका को न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

🌎 COP30 का वैश्विक महत्व

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा (UNFCCC) के अंतर्गत होने वाले Conference of the Parties (COP) सम्मेलनों में सदस्य देश जलवायु नीति, उत्सर्जन नियंत्रण और हरित विकास पर सहमति बनाते हैं। COP30 विशेष रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि यह दशक के उस चरण में आयोजित हो रहा है जहाँ कार्बन उत्सर्जन घटाने और नेट-ज़ीरो लक्ष्यों को साकार करने के लिए निर्णायक नीति-निर्माण अपेक्षित है।

🇺🇸 अमेरिका की अनुपस्थिति पर सवाल

अमेरिका जैसे बड़े और प्रभावशाली देश की COP30 से दूरी न केवल उसकी वैश्विक जिम्मेदारी पर प्रश्न उठाती है, बल्कि इससे जलवायु कार्रवाई की सामूहिक गति भी कमजोर पड़ सकती है। अमेरिका, जो विश्व के सबसे बड़े उत्सर्जक देशों में से एक है, यदि नेतृत्व नहीं दिखाता, तो अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को गहरा आघात पहुंच सकता है।

👶 आने वाली पीढ़ियों के नाम संदेश

पेलोसी ने अपने वक्तव्य में भावनात्मक रूप से कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल वैज्ञानिक या राजनीतिक बहस का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे बच्चों और पोतों के अस्तित्व का प्रश्न है। उन्होंने इसे “ईश्वर की सृष्टि के प्रति मानव की जवाबदेही” बताते हुए कहा कि इस समय निष्क्रियता अपराध के समान होगी।

📍 निष्कर्ष

नैंसी पेलोसी की यह पहल अमेरिका और वैश्विक समुदाय — दोनों के लिए एक नैतिक आह्वान है। COP30 से दूरी न केवल अमेरिका की छवि को धूमिल कर सकती है, बल्कि पृथ्वी को बचाने के साझा प्रयासों को भी कमजोर करेगी। अब समय है कि अमेरिका अपनी दिशा स्पष्ट करे और एक बार फिर जलवायु नेतृत्व की मशाल अपने हाथ में ले।


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