HIT AND HOT NEWS

एर्दोआन से मुलाकात के बाद ज़ेलेंस्की का संदेश: यूक्रेन में शांति की ओर बढ़ता निर्णायक कदम


यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के बीच 20 सितंबर 2022 को हुई मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान एक बार फिर यूक्रेन में जारी युद्ध और संभावित शांति समाधान पर केंद्रित कर दिया। ज़ेलेंस्की ने इस बैठक को “उत्पादक, उपयोगी और भविष्य की दिशा तय करने वाली” बताया।


🇺🇦 वार्ता का मूल उद्देश्य: सम्मानजनक समाधान की खोज

ज़ेलेंस्की ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहा कि तुर्की की कूटनीतिक कोशिशें यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति एर्दोआन द्वारा प्रस्तुत सुझाव न केवल व्यावहारिक हैं बल्कि शांति प्रक्रिया के लिए एक ठोस रास्ता खोलते हैं।
उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन किसी भी ऐसा प्रारूप अपनाने को तैयार है जो देश में स्थायी शांति की नींव रख सके।


🤝 अमेरिका पर भरोसा: निर्णायक शक्ति की उम्मीद

ज़ेलेंस्की ने अमेरिका की भूमिका को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन—दोनों ही—यूक्रेन संकट को समाप्त करने में निर्णायक योगदान दे सकते हैं।
यूक्रेन ने अमेरिका द्वारा दिए गए हर ठोस प्रस्ताव का समर्थन किया है और भविष्य में भी रचनात्मक सहयोग की उम्मीद रखता है।


🕊️ तुर्की की मध्यस्थता: शांति प्रक्रिया में नई ऊर्जा

तुर्की लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच सेतु की भूमिका निभा रहा है—चाहे वह युद्धविराम के प्रयास हों या कैदियों की रिहाई।
ज़ेलेंस्की ने इस मुलाकात में तुर्की की सक्रिय पहल की सराहना करते हुए कहा कि तुर्की वह गति प्रदान कर सकता है जो शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।


🌍 वैश्विक साझेदारी: शांति का वास्तविक आधार

ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट कहा कि यूक्रेन में शांति सिर्फ दो देशों की बातचीत से संभव नहीं है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, न्यायपूर्ण कूटनीति और साझेदार देशों के बीच लगातार समन्वय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए वैश्विक समर्थन और एकजुटता अनिवार्य है।


🔍 निष्कर्ष: उम्मीदों को दिशा देती एक महत्वपूर्ण मुलाकात

जब यूक्रेन पर रूसी हमले जारी हैं, ऐसे समय में एर्दोआन और ज़ेलेंस्की की यह बैठक शांति प्रक्रिया को नई दिशा देती है। यह मुलाकात बताती है कि तुर्की भविष्य में भी एक अहम मध्यस्थ के रूप में उभर सकता है और वैश्विक समुदाय की एकजुट कोशिशें यूक्रेन में स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।


Exit mobile version