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ब्रसेल्स में ‘पैलेस्टाइन डोनर ग्रुप’ की पहली बैठक: दो-राष्ट्र समाधान की ओर EU का निर्णायक कदम


20 नवंबर 2025 को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ (EU) और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के बीच पहली बार ‘पैलेस्टाइन डोनर ग्रुप’ की बैठक आयोजित हुई। यह सम्मेलन न केवल क्षेत्रीय स्थिरता और पुनर्निर्माण के लिहाज़ से अहम रहा, बल्कि लंबे समय से ठहरे हुए दो-राष्ट्र समाधान को आगे बढ़ाने के लिए यूरोपीय कूटनीति का महत्वपूर्ण मोड़ भी साबित हुआ।


🔹 पृष्ठभूमि और सम्मेलन का मूल उद्देश्य

सितंबर 2025 में EU आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समूह के गठन की घोषणा की थी। यह फैसला उस समय सामने आया, जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाज़ा के लिए नई शांति योजना को स्वीकृति दी थी। इससे पहले फ्रांस और सऊदी अरब की सह-अध्यक्षता में उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय बैठकें तथा न्यूयॉर्क में Ad-Hoc Liaison Committee की चर्चाएँ हुई थीं—इन्हीं प्रयासों की निरंतरता ब्रसेल्स की यह बैठक थी।

बैठक में प्रमुख रूप से ये लक्ष्य तय किए गए:


🔹 यूरोपीय संघ की भूमिका और प्रतिबद्धता

यूरोपीय संघ वर्षों से फिलिस्तीनी जनता का सबसे बड़ा बाहरी सहयोगी रहा है। बैठक में वॉन डेर लेयेन ने दो-राष्ट्र समाधान को EU की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एक जिम्मेदार, पारदर्शी और सुधारोन्मुख फिलिस्तीनी प्राधिकरण भविष्य के स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र का आधार बनेगा।

EU ने वेस्ट बैंक और गाज़ा दोनों में व्यवस्था, पुनर्निर्माण और संक्रमणकालीन प्रशासन को मजबूत करने के लिए अपने समर्थन को जारी रखने की भी पुष्टि की।


🔹 आलोचना और चुनौतियाँ

हालाँकि यह बैठक एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम थी, लेकिन यूरोप के भीतर आलोचना भी देखने को मिली। कई सांसदों और विश्लेषकों का मानना है कि EU ने यह पहल देर से शुरू की और यह गाज़ा में वास्तविक स्थिति बदलने में सीमित प्रभाव डाल सकती है।
उनके अनुसार, जमीन पर जटिल राजनीतिक हालात, सुरक्षा चुनौतियाँ और अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के बीच असहमति इस प्रक्रिया की गति को धीमा कर सकती है।


🔹 आगे की दिशा

‘पैलेस्टाइन डोनर ग्रुप’ ने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ फिलिस्तीन के पुनर्निर्माण और स्थिरता के लिए रणनीतियाँ तय की जा सकें। यह पहल केवल आर्थिक सहायता का समन्वय करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक समाधान के लिए वैश्विक सहमति बनाने की दिशा में भी काम करती है।


निष्कर्ष

ब्रसेल्स में आयोजित पहली ‘पैलेस्टाइन डोनर ग्रुप’ बैठक यह स्पष्ट संकेत देती है कि यूरोपीय संघ मध्य पूर्व में शांति और स्थायी समाधान को लेकर एक दीर्घकालिक रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। दो-राष्ट्र समाधान को पुनः गति देने और क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए यह प्रयास भविष्य की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दिशा तय कर सकता है।


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