
दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात भारत–इटली संबंधों के लिए एक निर्णायक क्षण साबित हुई। यह बैठक न केवल रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देती है, बल्कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के सामूहिक संकल्प का भी प्रतीक है।
🇮🇳🇮🇹 रणनीतिक सहयोग को मिला नया आयाम
बैठक के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और निवेश जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की सहमति जताई।
दोनों नेताओं ने माना कि तकनीकी नवाचार, सतत विकास और वैश्विक शासन के मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने से भारत और इटली दोनों को दीर्घकालिक लाभ होगा।
🛡️ आतंकवाद के वित्तपोषण पर संयुक्त कार्रवाई
मुलाकात की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि रही —
India–Italy Joint Initiative to Counter Financing of Terrorism
— जिसे दोनों देशों ने औपचारिक रूप से अपनाया।
यह पहल आतंकवाद को आर्थिक रूप से कमजोर करने और इसके वैश्विक नेटवर्क को रोकने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने हाल ही में दिल्ली में हुए आतंकी हमले पर भारत के प्रति संवेदना जताई और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
🤝 मोदी–मेलोनी की केमिस्ट्री और #Melodi की गूंज
इस मुलाकात ने सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा बटोरी।
#Melodi— जो मोदी और मेलोनी के नामों का मेल है— ट्रेंड पर आ गया।
दोनों नेताओं की सहजता, आपसी विश्वास और गर्मजोशी भरे हावभाव ने इंटरनेट पर सकारात्मक माहौल बनाया, जिससे स्पष्ट है कि राजनयिक रिश्तों के साथ व्यक्तिगत संबंध भी मजबूत हो रहे हैं।
🌍 वैश्विक मंच पर भारत–इटली की बढ़ती भूमिका
G20 जैसे व्यापक मंच पर दोनों देशों की सक्रिय उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भारत और इटली बहुपक्षीय सहयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने, आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने और उभरती वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त रूप से समाधान खोजने के इच्छुक हैं।
यह भी साफ है कि दोनों राष्ट्र सिर्फ द्विपक्षीय साझेदारी ही नहीं, बल्कि विश्व व्यवस्था को अधिक संतुलित और सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं।
निष्कर्ष
जोहान्सबर्ग में हुई मोदी–मेलोनी की यह मुलाकात भारत–इटली संबंधों के इतिहास में एक नई शुरुआत का संकेत देती है।
साझा हितों, वैश्विक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण और नेतृत्व स्तर पर मजबूत तालमेल ने इस साझेदारी को ऊर्जा और दिशा दोनों प्रदान की है।
आने वाले समय में यह संबंध और भी मजबूत होकर क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।