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डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज़ को मिली माफ़ी पर नैंसी पेलोसी का करारा प्रहार


अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज़ को गंभीर ड्रग तस्करी मामलों में दी गई सजा से मुक्त करने का फैसला किया, जिसके बाद पूरे देश में इसे लेकर ज़ोरदार राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। इस निर्णय का सबसे तीखा विरोध पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने किया, जिन्होंने इसे “न्याय व्यवस्था पर प्रहार और पीड़ित परिवारों का अपमान” बताया।


जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज़ कौन हैं?

हर्नांडेज़ होंडुरास के दो बार राष्ट्रपति रह चुके एक प्रभावशाली नेता रहे हैं।
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने 2024 में उन्हें ड्रग स्मगलिंग, संगठित अपराध और हथियार तस्करी से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेलों को संरक्षण दिया, जिसके बदले उन्हें बड़ी राशि मिलती थी। इन्हीं अपराधों के लिए उन्हें 45 वर्षों की सजा सुनाई गई थी।


🇺🇸 ट्रंप का विवादित माफ़ी आदेश

1 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वे हर्नांडेज़ को माफ़ कर रहे हैं।
ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि:

ट्रंप के इस बयान ने तुरंत ही राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।


🗣️ नैंसी पेलोसी का तीखा हमला

नैंसी पेलोसी ने 2 दिसंबर को कांग्रेस में दिए भाषण में इस माफ़ी की खुलकर निंदा की।
उन्होंने कहा:

“यह फैसला उन सभी परिवारों का तिरस्कार है जिन्होंने नशे की वजह से अपने प्रियजनों को खोया। यह उन अधिकारियों के लिए खतरे की घंटी है जो अपने जीवन को जोखिम में डालकर ड्रग तस्करी से लड़ते हैं।”

पेलोसी ने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं हर्नांडेज़ के शासनकाल के दौरान होंडुरास में हिंसा और आपराधिक नियंत्रण को अपनी आंखों से देखा था।


⚖️ राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

ट्रंप के इस कदम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

कई विश्लेषकों का मानना है कि हर्नांडेज़ को मिली माफ़ी का संबंध होंडुरास की राजनीति से भी हो सकता है, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने वहाँ की नेशनल पार्टी के उम्मीदवार टिटो आस्फुरा का समर्थन किया है।


📌 निष्कर्ष

हर्नांडेज़ की माफ़ी ने न केवल अमेरिका की आंतरिक राजनीति को हिला दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
नैंसी पेलोसी सहित कई वरिष्ठ नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि यह मामला आने वाले समय में और भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेगा।


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