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कवच प्रणाली: भारतीय रेल के लिए सुरक्षा का नया युग


राज्यसभा के प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल में स्थापित की जा रही स्वदेशी सुरक्षा तकनीक ‘कवच’ (Kavach) पर विस्तार से जानकारी दी। यह प्रणाली भारत द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (ATP) है, जिसका उद्देश्य ट्रेन संचालन को और सुरक्षित, तेज़ और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।

कवच क्या है?

कवच भारतीय रेलवे का स्वदेशी सुरक्षा तंत्र है, जिसे ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने और रेलगाड़ियों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है। यह तकनीक ट्रेन चालक और नियंत्रण केंद्र—दोनों को वास्तविक समय (real-time) में महत्वपूर्ण संकेत और चेतावनियाँ प्रदान करती है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

कवच की प्रमुख विशेषताएँ

  1. टकराव-रोक प्रणाली (Collision Avoidance)
    यदि दो ट्रेनें एक ही पटरियों पर आमने-सामने या बहुत करीब आ जाएँ, तो कवच अपने आप ट्रेन की गति को नियंत्रित कर देता है और आवश्यकता होने पर ट्रेन को रोक भी सकता है।
  2. स्वचालित ब्रेकिंग (Automatic Braking)
    किसी भी आपात स्थिति में मानव त्रुटि (human error) से बचाने के लिए कवच स्वतः ब्रेक लगा देता है।
  3. सिग्नल पासिंग रोकथाम (SPAD Prevention)
    लाल सिग्नल (Red Signal) पार कर जाने जैसी खतरनाक स्थितियों को यह तकनीक रोकती है।
  4. उच्च गति में सुरक्षित संचालन
    हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए भरोसेमंद नियंत्रण तकनीक उपलब्ध कराती है, जिससे ट्रेनें तेज़ गति पर भी सुरक्षित चल सकें।

भारतीय रेल की बड़ी पहल

भारतीय रेल व्यापक स्तर पर कवच को लागू कर रही है। मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह तकनीक भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित की गई है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
साथ ही यह प्रणाली भविष्य में ट्रेनों की गति, समयबद्धता और विश्वसनीयता को और बेहतर बनाएगी।

क्यों है यह तकनीक महत्वपूर्ण?

निष्कर्ष

कवच न केवल भारतीय रेल के लिए परिवर्तनकारी तकनीक साबित हो रही है, बल्कि यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का स्पष्ट प्रतीक भी है। स्वदेशी नवाचार पर आधारित यह प्रणाली आने वाले वर्षों में रेलवे सुरक्षा और संचालन को एक नए स्तर पर ले जाएगी।


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