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यूक्रेन की रक्षा रणनीति में नई दिशा: ज़ेलेंस्की ने युद्ध ब्रिगेडों के लिए मासिक सुदृढ़ीकरण मॉडल शुरू किया


यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने 5 दिसंबर 2025 को एक उच्चस्तरीय सैन्य समीक्षा बैठक के बाद देश की रक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की। नई पहल के तहत युद्ध क्षेत्र में तैनात ब्रिगेडों को हर महीने प्रशिक्षित सैनिकों की निश्चित संख्या उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम यूक्रेन की सैन्य क्षमता को अधिक संगठित, सुसंगत और प्रभावी बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।


🔰 नई व्यवस्था क्या है?

इस रणनीति के अनुसार, हर सक्रिय युद्ध ब्रिगेड को एक तय समयावधि—हर महीने—सुदृढ़ीकरण के रूप में नए सैनिक मिलेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिगेडें पहले से जान सकें कि कब और कितने सैनिक उनके साथ जुड़ेंगे, जिससे प्रशिक्षण, तैनाती और रोटेशन की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो पाए।

ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह मांग फ्रंटलाइन पर मौजूद कमांडरों और सैनिकों द्वारा लगातार उठाई जा रही थी, इसलिए इसे अब नीति का हिस्सा बनाया जा रहा है।


📌 मुख्य लक्ष्य और फायदे


🛡️ ज़ेलेंस्की का बयान

राष्ट्रपति ने कहा,
“जनरल स्टाफ ने इस मॉडल को मंजूरी दे दी है। इससे हमारे सैनिकों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी यूनिट्स कब और कैसे सुदृढ़ होंगी। यह हमारी समग्र रक्षा रणनीति को बेहतर बनाएगा।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना की तकनीकी रूपरेखा और ज़मीनी कार्यवाही के चरण जल्द ही जनरल स्टाफ तथा पावलो पलिसा की ओर से जारी किए जाएंगे।


⚔️ युद्ध परिस्थितियों में इस योजना का महत्व

रूस के साथ लंबे समय से चल रहे संघर्ष में यूक्रेन को प्रशिक्षण संसाधनों, मानवबल और समय पर सैनिकों की उपलब्धता जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
अनियमित रोटेशन और असंगठित सुदृढ़ीकरण के कारण कई ब्रिगेडों पर दबाव बढ़ गया था, जिससे न केवल उनकी रणनीतिक क्षमता प्रभावित हो रही थी बल्कि सैनिकों का मनोबल भी पर असर पड़ रहा था।

ऐसे में यह मासिक आपूर्ति मॉडल यूक्रेन की सैन्य संरचना में स्थिरता, पूर्वानुमेयता और लचीलापन लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।


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