
6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से सख्त कर दिया गया है। 1992 की घटना को 33 वर्ष पूरे होने पर, प्रशासन किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए शहर को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल चुका है।
कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह क्षेत्र में विशेष सतर्कता
मथुरा के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक — कृष्ण जन्मभूमि परिसर और शाही ईदगाह मस्जिद क्षेत्र — को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। यहाँ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और प्रवेश के हर बिंदु पर पहचान पत्र की कड़ी जांच की जा रही है। बिना वैध आईडी किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मथुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शहर भर में कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है। बीते वर्षों की तुलना में इस बार सुरक्षा और अधिक पुख्ता किए जाने का दावा किया गया है।
पुलिस का सख्त रुख: हर सूचना की जांच, हर व्यक्ति की पड़ताल
मथुरा के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में सामान्य गतिविधियाँ — जैसे ट्रैफिक, स्कूल, बाज़ार — पहले की तरह ही चल रही हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ हर पल चौकन्नी हैं। संदिग्ध गतिविधियों, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और संवेदनशील बयानों की लगातार निगरानी की जा रही है।
पुलिस द्वारा रैंडम चेकिंग लगातार जारी है। होटलों, धर्मशालाओं, रेस्तरांओं, बस स्टेशनों और रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों के दस्तावेजों की जाँच की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित हलचल को रोका जा सके।
फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन
सुरक्षा को मजबूती देने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल), RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) और बाहरी जिलों से बुलाए गए पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि लोगों में विश्वास और असामाजिक तत्वों में डर का माहौल बनाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आंदोलनकारी गतिविधियों या बड़ी भीड़ के एकत्र होने पर पाबंदी लगाई गई है। लगभग 150 व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष नज़र रखने के आदेश हैं, और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रदेशभर में चौकसी
मथुरा ही नहीं, बल्कि अयोध्या सहित पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियाँ हाई-अलर्ट पर हैं। हर जिले में पुलिस द्वारा वाहन जांच, गश्त और भीड़ नियंत्रण की तैयारी की गई है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि शांति व सद्भावना बनाए रखना सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना फैलाने वालों पर कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।