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उदय शंकर: भारतीय आधुनिक नृत्य के युगपुरुष को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि


भारतीय नृत्य परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है, लेकिन 20वीं सदी में जिस कलाकार ने भारतीय नृत्य को एक नवीन आधुनिक पहचान दी, वह नाम है— उदय शंकर। विश्वभर में प्रसिद्ध यह नर्तक और कोरियोग्राफर न केवल भारत के बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच के भी अद्वितीय कलाकार थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हाल ही में उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद एक बार फिर उनका योगदान चर्चा में है।

भारतीय आधुनिक नृत्य का जन्म

उदय शंकर ने भारतीय नृत्य को केवल संरक्षित ही नहीं किया, बल्कि उसे एक नई दृष्टि और आधुनिक रूप दिया। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय, लोकनृत्य, पेंटिंग, संगीत और पश्चिमी मंच तकनीक को मिलाकर एक अनोखी शैली बनाई। यही शैली आगे चलकर इंडियन मॉडर्न डांस के नाम से लोकप्रिय हुई।

उनकी प्रस्तुतियों में कहानी, भाव, प्रतीक, संगीत और मंच-सजावट—सब कुछ मिलकर एक ऐसा दृश्य रचते थे जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा था।

कला के वैश्विक मंच पर भारत की पहचान

उदय शंकर पहले भारतीय कलाकारों में से थे जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक प्रतिभा को पेरिस, लंदन, न्यूयॉर्क और दुनिया के कई अन्य देशों के मंचों तक पहुँचाया। उनकी कला को देखकर विश्व के बड़े कलाकार और समीक्षक भी प्रभावित हुए।

उनकी नवोन्मेषी शैली ने दुनिया को यह समझाया कि भारतीय नृत्य केवल परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि एक जीवंत, प्रयोगधर्मी और आधुनिक कला भी हो सकता है।

उदय शंकर का शैक्षणिक और सांस्कृतिक योगदान

उन्होंने उत्तराखंड के अल्मोड़ा में उदय शंकर इंडिया कल्चर सेंटर की स्थापना की, जहाँ नृत्य, संगीत, योग, अभिनय और भारतीय कला के विभिन्न रूपों की शिक्षा दी जाती थी। यह केंद्र उस समय के कई महान कलाकारों का प्रशिक्षण स्थल बना।

उनकी सोच हमेशा भविष्य की ओर थी—
“कला को संजोना ही नहीं, उसे नया स्वरूप देना भी जरूरी है।”

एक प्रेरणा जो आज भी जीवित है

उदय शंकर भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी कला, उनकी शैली, उनका दर्शन—आज भी भारतीय नृत्य और सिनेमा को प्रभावित करता है। उनके कार्यों ने कई पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित किया है और भविष्य में भी करती रहेंगी।

ममता बनर्जी का संदेश — एक सांस्कृतिक सम्मान

ममता बनर्जी द्वारा उदय शंकर को दी गई श्रद्धांजलि यह याद दिलाती है कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर उन महान कलाकारों के कारण ही विश्व में प्रतिष्ठित हुई है, जिन्होंने कला को सीमाओं से मुक्त कर दिया। उदय शंकर भारतीय नृत्य के उसी गौरवशाली इतिहास के चमकते सितारे रहे हैं।


निष्कर्ष

उदय शंकर सिर्फ एक नर्तक नहीं थे, बल्कि एक दृष्टा, प्रयोगकर्ता और सांस्कृतिक क्रांतिकारी थे। उन्होंने भारतीय नृत्य को परंपरा से आधुनिकता की ओर जो पुल बनाया, उसी ने भारत की कला को वैश्विक पहचान दिलाई।
उनका जीवन हर उस कलाकार के लिए प्रेरणा है जो अपनी सृजनशीलता से दुनिया में कुछ नया करने का सपना देखता है।


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