
भारत सरकार द्वारा लागू की गई नई श्रम संहिताएं देश के खनन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार साबित हो रही हैं। जोखिमपूर्ण वातावरण में काम करने वाले इन श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा, अधिक सुविधाएं और पारदर्शी श्रम व्यवस्था की दिशा में यह पहल दूरगामी प्रभाव छोड़ने वाली है। नई संहिताओं ने जहाँ श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत किया है, वहीं उद्योगों के लिए नियमों को सरल बनाकर संचालन की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया है।
🛡️ सुरक्षा और स्वास्थ्य का व्यापक ढांचा
खनन कार्य हमेशा से ही खतरनाक परिस्थितियों से जुड़ा होता है। नई श्रम संहिताओं में इस बात को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं:
- वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण: हर श्रमिक की साल में एक बार अनिवार्य चिकित्सीय जांच कराई जाएगी, ताकि स्वास्थ्य समस्याओं का समय रहते पता चल सके।
- सुरक्षा प्रशिक्षण का प्रावधान: प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षा उपायों से संबंधित प्रशिक्षण और प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है।
- आपातकालीन सहायता केंद्र: हर खनन इकाई में प्रशिक्षित स्टाफ समेत एक सुसज्जित बचाव केंद्र का होना अब अनिवार्य है, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत मिल सके।
👷♂️ श्रमिक कल्याण में महत्वपूर्ण सुधार
नई संहिताएं श्रमिकों के काम के माहौल को अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने पर केंद्रित हैं:
- लचीला कार्य समय और ओवरटाइम पर अधिक वेतन: इससे श्रमिक अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप समय प्रबंधन कर सकते हैं।
- 100 से अधिक श्रमिकों वाली इकाइयों में कैंटीन अनिवार्य: पौष्टिक भोजन की उपलब्धता से स्वास्थ्य और उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा।
- विश्रामगृह, क्रेच और एम्बुलेंस सेवा: महिला श्रमिकों और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए ये सुविधाएं बेहद सहायक साबित होंगी।
📂 उद्योगों के लिए नियमों को सरल बनाने की पहल
नई श्रम संहिताओं ने उद्योगों पर मौजूद जटिल कानूनी बोझ को काफी कम किया है:
- एकीकृत पंजीकरण व्यवस्था: कई विभागों में बार-बार पंजीकरण कराने की आवश्यकता खत्म कर दी गई है।
- एकल वार्षिक रिटर्न की व्यवस्था: अब सभी आवश्यक विवरण एक ही दस्तावेज़ के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
- सामान्य लाइसेंस प्रणाली: विभिन्न गतिविधियों के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है।
⚖️ अनुपालन में राहत और कानूनी प्रक्रियाओं में आसानी
उद्योगों को अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से बचाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- छोटे और अनजाने उल्लंघनों का अपराधमुक्तिकरण: इससे उद्योगों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।
- अधिकृत अधिकारियों द्वारा त्वरित समाधान: न्यायिक प्रक्रिया को सरल और कम समय लेने वाला बनाया गया है।
निष्कर्ष
नई श्रम संहिताएं खनन क्षेत्र में श्रमिकों और उद्योगों के बीच एक संतुलित, सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने की दिशा में अत्यंत प्रभावी कदम हैं। इससे न केवल श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित होता है, बल्कि उद्योगों की कार्यप्रणाली भी अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनती है।
सरकार का यह कदम “श्रम एव जयते” की भावना को और अधिक सशक्त बनाता है।