
पेरिस में 8 दिसंबर 2025 को फ्रांस और क्रोएशिया के बीच संबंधों को नई ऊर्जा देने वाला महत्वपूर्ण कूटनीतिक पड़ाव देखा गया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक ने दोनों देशों की साझेदारी को एक नए रणनीतिक चरण में प्रवेश कराया है।
🇫🇷🤝🇭🇷 सहयोग का विस्तृत ढांचा
एलिसे पैलेस में आयोजित इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने एक तीन वर्ष की व्यापक रणनीतिक कार्य योजना पर हस्ताक्षर किए। यह रूपरेखा भविष्य में आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। साथ ही यूरोपीय संप्रभुता और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
🔰 रक्षा क्षेत्र में गहराता भरोसा
फ्रांसीसी रक्षा तकनीक को अपनाने की दिशा में क्रोएशिया तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- राफेल लड़ाकू विमान
- सीज़र हॉवित्जर तोप प्रणाली
इन प्रमुख सैन्य उपकरणों की खरीद से क्रोएशिया अपनी सुरक्षा संरचना को आधुनिक बनाते हुए फ्रांस के साथ रक्षा उत्पादन व प्रशिक्षण सहयोग को भी मजबूत बना रहा है। यह कदम यूरोप में सामूहिक सुरक्षा ढांचे को मजबूती देता है।
💼 आर्थिक प्रगति की नई संभावनाएँ
व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना बैठक का एक प्रमुख हिस्सा था। दोनों देशों ने ऊर्जा, पर्यटन, डिजिटलीकरण और स्टार्टअप सहयोग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहलें शुरू करने पर सहमति जताई। इससे यूरोपीय बाज़ार में प्रतिस्पर्धा और नवाचार को एक नया बढ़ावा मिलेगा।
🌍 यूक्रेन मुद्दे पर साझा रुख
मैक्रों और प्लेंकोविच ने यूक्रेन के पक्ष में अपना सहयोग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक मूल्यों और यूरोपीय संप्रभुता की रक्षा हेतु एकजुटता अत्यंत आवश्यक है। दोनों नेताओं ने यह भी रेखांकित किया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान में यूरोप की सामूहिक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।