
यूक्रेन को मजबूती, रूस पर दबाव — नया भू-राजनीतिक अध्याय
यूरोपीय संघ (EU) ने 12 दिसंबर 2025 को एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए रूस के केंद्रीय बैंक की लगभग €210 अरब यूरो मूल्य की संप्रभु संपत्तियों को अनिश्चितकाल तक फ्रीज़ करने का फैसला किया। माना जा रहा है कि यह कदम यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में यूरोपीय कूटनीति का अब तक का सबसे कठोर आर्थिक निर्णय है।
🔒 क्या है यह फैसला?
EU ने अपनी संधि के अनुच्छेद 122 को लागू करके यह व्यवस्था की कि अब इन संपत्तियों को फ्रीज़ रखने के लिए हर छह महीने में नए मत की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
यह निर्णय योग्य बहुमत के आधार पर पारित किया गया, जिससे हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देशों की आपत्तियाँ प्रभावी नहीं रहीं।
मुख्य बिंदु:
- रूस की €210 अरब यूरो की संप्रभु संपत्तियाँ EU क्षेत्र में जमी रहेंगी।
- इनमें से €185 अरब यूरो ब्रसेल्स स्थित Euroclear में जमा हैं।
- फ्रीज़ तब तक जारी रहेगा जब तक रूस यूक्रेन को संभावित युद्ध क्षति की भरपाई पर सहमत नहीं होता।
🎯 रणनीतिक उद्देश्य
EU इस निर्णय के ज़रिए तीन महत्वपूर्ण लक्ष्य साधना चाहता है:
- यूक्रेन को 2026–2027 अवधि के लिए लगभग €135 अरब यूरो की वित्तीय और रक्षा सहायता सुनिश्चित करना।
- रूस पर आर्थिक दबाव को इतनी ऊँचाई तक ले जाना कि वह युद्ध समाप्ति पर गंभीरता से विचार करे।
- यूरोप की आर्थिक सुरक्षा और राजनीतिक एकजुटता को मजबूत करना।
🗣️ उर्सुला वॉन डेर लेयेन का रुख
EU आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस कदम को “इतिहास की दिशा बदलने वाला निर्णय” बताते हुए कहा:
“यह स्पष्ट संदेश है—जब तक रूस यह निर्दयी युद्ध जारी रखेगा, उसे इसकी अधिक कीमत चुकानी होगी। हमारा लक्ष्य है कि यूक्रेन युद्धक्षेत्र और वार्ता, दोनों मोर्चों पर दृढ़ बना रहे।”
उनकी टिप्पणी से स्पष्ट है कि EU अब प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि वास्तविक आर्थिक कार्रवाई पर ध्यान दे रहा है।
⚠️ कौन से खतरे साथ आए?
इस निर्णय से EU को कई संभावित चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है:
- कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यूरो की वैश्विक विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
- रूस प्रतिशोध स्वरूप EU की कंपनियों अथवा ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकता है।
- यह भी आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका भविष्य में इसी प्रकार की संपत्तियों पर दावा कर सकता है, जिससे EU ने तेजी में निर्णय लिया।
🇺🇦 यूक्रेन के लिए इसका महत्व
यूक्रेन के लिए यह घोषणा एक मजबूत राजनीतिक संकेत है कि पश्चिमी राष्ट्र उसके साथ खड़े हैं।
इससे:
- सैन्य सहायता को गति मिलेगी,
- पुनर्निर्माण कार्यों को स्थिर वित्तीय आधार मिलेगा,
- और रूस के खिलाफ यूक्रेन की स्थिति मजबूत होगी।
निष्कर्ष
EU का यह कदम न सिर्फ रूस की आक्रामक नीति के खिलाफ एक कठोर आर्थिक प्रहार है, बल्कि यूक्रेन को दी जा रही पश्चिमी प्रतिबद्धता का ठोस प्रमाण भी है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह रणनीति यूरोपीय अर्थव्यवस्था, रूस के व्यवहार और वैश्विक वित्तीय प्रणाली को किस दिशा में ले जाती है।