
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में हनुक्का पर्व के अवसर पर हुए भयावह आतंकी हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। 14 दिसंबर 2025 को बॉन्डी बीच क्षेत्र में आयोजित धार्मिक समारोह के दौरान यह हमला हुआ, जब यहूदी परिवार हनुक्का के पहले दिन को शांति और श्रद्धा के साथ मना रहे थे। इस हमले में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई, जिनमें ड्यूटी पर तैनात दो पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का बयान
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की तीखी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ किया गया जघन्य कृत्य बताया। उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हनुक्का जैसे पर्व, जो आशा और प्रकाश का प्रतीक हैं, के दिन इस तरह की हिंसा अत्यंत पीड़ादायक है। गुटेरेस ने यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र किसी भी रूप में आतंकवाद और धार्मिक घृणा को स्वीकार नहीं करता।
उन्होंने अपने संदेश में इस बात पर ज़ोर दिया कि दुनिया के सभी समुदायों को बिना डर के अपने धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव मनाने का अधिकार मिलना चाहिए, और इसके लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट प्रयास आवश्यक हैं।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद कई देशों के शीर्ष नेताओं ने शोक और रोष व्यक्त किया। इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को यहूदी समुदाय के खिलाफ लक्षित हिंसा बताते हुए इसे घोर यहूदी-विरोधी कृत्य करार दिया। उन्होंने यहूदी नागरिकों से भयमुक्त होकर अपनी आस्था और परंपराओं को निभाने की अपील की।
हालांकि, कुछ वैश्विक नेताओं की ओर से यहूदी-विरोधी पहलू को स्पष्ट रूप से न उठाने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सवाल भी उठाए गए।
हमले का विवरण और जांच
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो हथियारबंद हमलावरों ने धार्मिक सभा के बीच अचानक गोलियां चला दीं। मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और दर्जनों गोलियों की आवाजें सुनी गईं। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन तब तक भारी जान-माल का नुकसान हो चुका था। इस हमले को आतंकवादी घटना मानते हुए ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संस्थाएं भी जांच में जुटी हैं।
यहूदी संगठनों की प्रतिक्रिया
यहूदी समुदाय और विभिन्न संगठनों ने इस हमले को धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने सरकार से धार्मिक स्थलों और आयोजनों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, समुदाय के नेताओं ने नफरत के जवाब में प्रेम, एकता और प्रकाश के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया—जो हनुक्का पर्व की आत्मा है।
निष्कर्ष
सिडनी की यह घटना केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है कि धार्मिक असहिष्णुता और हिंसा के खिलाफ सतर्कता और एकजुटता बेहद जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का स्पष्ट संदेश दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसे कृत्यों के खिलाफ खड़ा है और सभी धार्मिक समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।