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इटली–चिली रिश्तों में वैचारिक समीकरण: मेलोनी–कास्ट मुलाकात से दक्षिणपंथी राजनीति को नई ऊर्जा


वैश्विक राजनीति के बदलते परिदृश्य में इटली और चिली के बीच उभरता वैचारिक संवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और चिली की रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख एवं राष्ट्रपति पद के दावेदार जोस एंटोनियो कास्ट के बीच रोम में हुई हालिया भेंट ने दक्षिणपंथी राजनीति के अंतरमहाद्वीपीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत दिया है।

यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों देशों के भविष्य के राजनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को लेकर गंभीर विमर्श का मंच बनी।

चुनावी परिदृश्य और मेलोनी का समर्थन संकेत

प्रधानमंत्री मेलोनी ने जोस एंटोनियो कास्ट को चिली के आगामी राष्ट्रपति चुनावों में मजबूत स्थिति के लिए शुभकामनाएँ दीं। कास्ट नवंबर 2025 में होने वाले चुनावों में एक प्रभावशाली उम्मीदवार माने जा रहे हैं और मौजूदा जनमत सर्वेक्षणों में वे अपने वामपंथी प्रतिद्वंद्वी से स्पष्ट बढ़त बनाए हुए हैं।

कास्ट ने इस मुलाकात को अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के विस्तार की दिशा में अहम कदम बताते हुए मेलोनी को समकालीन यूरोप की प्रभावशाली नेता करार दिया।

समान सोच, समान एजेंडा

मेलोनी और कास्ट की राजनीतिक सोच में कई बिंदुओं पर समानता दिखाई देती है। दोनों नेता राष्ट्रीय संप्रभुता, कड़ी आव्रजन नीति और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण को अपनी राजनीति का आधार मानते हैं।

जहाँ मेलोनी ने इटली में अवैध प्रवासन के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक नीतियाँ अपनाई हैं, वहीं कास्ट चिली में भी सीमाओं की सुरक्षा और प्रवासन नियंत्रण को प्राथमिक मुद्दा बनाने की बात कह चुके हैं। यही वैचारिक सामंजस्य दोनों नेताओं को एक साझा मंच पर लाता है।

बातचीत के प्रमुख केंद्र बिंदु

इस बैठक के दौरान कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:

वैश्विक राजनीति में संकेत

मेलोनी–कास्ट संवाद को केवल इटली और चिली तक सीमित नहीं देखा जा रहा। यह यूरोप और लैटिन अमेरिका के राष्ट्रवादी नेताओं के बीच उभरते वैचारिक गठबंधन की ओर इशारा करता है। दोनों दल—फ्रातेली डी इटालिया और चिली की रिपब्लिकन पार्टी—अपने-अपने देशों में पारंपरिक पहचान और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

निष्कर्ष

जॉर्जिया मेलोनी और जोस एंटोनियो कास्ट की यह मुलाकात समकालीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में विचारधारा आधारित सहयोग के पुनरुत्थान का प्रतीक बनती जा रही है। यदि कास्ट चिली की सत्ता तक पहुँचते हैं, तो इटली–चिली संबंध केवल कूटनीतिक ही नहीं, बल्कि वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर भी एक नए चरण में प्रवेश कर सकते हैं।

यह घटनाक्रम आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने वाले कारकों में से एक साबित हो सकता है।


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