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संसद भवन में असम के विकास पर अहम विमर्श


हिमंत बिस्वा सरमा और निर्मला सीतारमण की भेंट के निहितार्थ

15 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच हुई मुलाकात ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में खासा ध्यान खींचा। यह भेंट केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे असम के विकास और केंद्र–राज्य सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संवाद के रूप में देखा जा रहा है।

संसद भवन में केंद्र–राज्य समन्वय का संकेत

संसद परिसर में हुई इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। सार्वजनिक मंच पर साझा की गई तस्वीरों में यह स्पष्ट झलकता है कि बातचीत गंभीर और उद्देश्यपूर्ण थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस संवाद में असम से जुड़े वित्तीय मुद्दों, विकास परियोजनाओं और भावी योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ होगा।

असम के विकास रोडमैप पर केंद्र का फोकस

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हाल के दिनों में केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार संवाद में रहे हैं। नामरूप में प्रस्तावित नए यूरिया संयंत्र को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने के बाद वित्त मंत्री से यह भेंट उसी विकास श्रृंखला का अगला कदम मानी जा रही है। यह परियोजना असम के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

बजट, निवेश और बुनियादी ढांचे पर चर्चा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने केंद्रीय बजट को लेकर वित्त मंत्री की सराहना की और असम के लिए अपेक्षित वित्तीय सहयोग पर अपने विचार रखे। माना जा रहा है कि राज्य में आधारभूत ढांचे के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा क्षेत्र में निवेश जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

पूर्वोत्तर नीति और रणनीतिक संकेत

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों को आर्थिक और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नए प्रयास कर रही है। ‘एडवांटेज असम 2.0’ जैसे प्रस्तावित निवेश आयोजनों की पृष्ठभूमि में यह बैठक केंद्र और राज्य के बीच रणनीतिक तालमेल को दर्शाती है। सरमा की सक्रिय कूटनीति यह संकेत देती है कि असम सरकार विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

निष्कर्ष

हिमंत बिस्वा सरमा और निर्मला सीतारमण के बीच संसद भवन में हुई यह भेंट केवल औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि असम के भविष्य से जुड़ी योजनाओं और वित्तीय सहयोग की संभावनाओं का आधार भी बनी। यह संवाद केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करता है और आने वाले समय में असम के विकास पथ को नई दिशा दे सकता है।

स्रोत: आधिकारिक जानकारी, सार्वजनिक बयान एवं सोशल मीडिया संकेत


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