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डिजिटल युग में बढ़ता साइबर खतरा: ऑनलाइन धोखाधड़ी पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वैश्विक चेतावनी

आधुनिक तकनीक ने मानव जीवन को पहले से कहीं अधिक तेज़, सरल और आपस में जुड़ा हुआ बना दिया है। इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने जहां ज्ञान, व्यापार और संचार की सीमाओं को तोड़ा है, वहीं इसी डिजिटल विस्तार ने अपराध की एक नई और खतरनाक दुनिया को भी जन्म दिया है। ऑनलाइन ठगी और साइबर धोखाधड़ी आज वैश्विक स्तर पर एक गंभीर चुनौती बन चुकी है।

🌐 तकनीकी प्रगति और बढ़ता जोखिम

डिजिटल माध्यमों ने आम लोगों को सुविधाएँ दी हैं, लेकिन साइबर अपराधी भी इन्हीं तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहे हैं। फर्जी कॉल, नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया पर झूठे विज्ञापन और धोखाधड़ी वाले संदेशों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह अपराध न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि लोगों के भरोसे और मानसिक सुरक्षा को भी चोट पहुँचा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीक जहां समाज को सशक्त बना रही है, वहीं अपराधियों के लिए भी नए रास्ते खोल रही है।

🤝 अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अनिवार्यता

17 दिसंबर 2025 को बैंकॉक में आयोजित ऑनलाइन स्कैम्स के खिलाफ वैश्विक साझेदारी सम्मेलन में गुटेरेस ने वीडियो संदेश के माध्यम से सभी देशों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने नए संयुक्त राष्ट्र साइबर अपराध समझौते को अपनाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उनके अनुसार, डिजिटल सुरक्षा तभी संभव है जब अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मानवाधिकारों पर आधारित नीति अपनाई जाए।

🔐 भारत के लिए चेतावनी और अवसर

भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऑनलाइन भुगतान, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। ऐसे में भारत को चाहिए कि वह:

📱 आम नागरिकों की सतर्कता है सुरक्षा की कुंजी

सरकारी प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की जागरूकता भी बेहद आवश्यक है। ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि लोग:

🌍 निष्कर्ष

डिजिटल दुनिया में सुरक्षा अब किसी एक देश या संस्था की जिम्मेदारी नहीं रही। यह एक साझा वैश्विक दायित्व है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चेतावनी हमें यह याद दिलाती है कि तकनीक का सही लाभ तभी मिलेगा जब हम उसके दुरुपयोग के खिलाफ सतर्क और संगठित रहेंगे। सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठन और आम नागरिक—सभी को मिलकर ही एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल भविष्य का निर्माण करना होगा।

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