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नैन्सी पेलोसी का संन्यास: अमेरिकी संसद में एक युग का अवसान


अमेरिकी राजनीति की सबसे सशक्त और प्रभावशाली हस्तियों में शामिल स्पीकर एमेरिटा नैन्सी पेलोसी ने दिसंबर 2025 में कांग्रेस से विदाई लेने का निर्णय लेकर चार दशकों से अधिक लंबे संसदीय अध्याय को विराम दे दिया। एबीसी न्यूज़ के चर्चित कार्यक्रम “This Week Sunday” में वरिष्ठ पत्रकार जॉन कार्ल के साथ हुई उनकी बातचीत ने उनके राजनीतिक जीवन, संघर्ष और योगदान को नई दृष्टि से सामने रखा।


🏛️ चार दशक, अनगिनत फैसले

नैन्सी पेलोसी ने 1987 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कदम रखा और शीघ्र ही अपने कौशल, रणनीति और नेतृत्व क्षमता से अलग पहचान बनाई।


👩‍⚖️ “मार्बल सीलिंग” और महिला राजनीति

इंटरव्यू के दौरान पेलोसी ने राजनीति में महिलाओं को झेलनी पड़ने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि उन्हें पहले महिला राष्ट्रपति बनने की संभावना अधिक लगती थी, न कि महिला स्पीकर बनने की।

उन्होंने सत्ता के अदृश्य अवरोधों को “मार्बल सीलिंग” का नाम दिया — ऐसा अवरोध जो दिखता नहीं, लेकिन तोड़ना बेहद कठिन होता है। पेलोसी के अनुसार, महिला नेतृत्व का सफर केवल सत्ता तक पहुंचने का नहीं बल्कि मानसिक और संस्थागत बाधाओं को पार करने का भी है।


🗳️ डेमोक्रेटिक पार्टी के सामने नई राह

पेलोसी के संन्यास के साथ ही डेमोक्रेटिक पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कैलिफोर्निया की प्रतिनिधि सारा जैकब्स सहित कई युवा नेताओं का मानना है कि पेलोसी की विरासत मार्गदर्शक रहेगी, लेकिन अब पार्टी को नई पीढ़ी के नेतृत्व के लिए तैयार होना होगा।

पेलोसी ने स्वयं भी संकेत दिया कि बदलाव लोकतंत्र की ताकत है और समय के साथ नेतृत्व का हस्तांतरण आवश्यक है।


🎙️ इंटरव्यू में झलकी इंसान और नेता की यात्रा

एबीसी न्यूज़ के इस विशेष संवाद में पेलोसी ने राजनीतिक उपलब्धियों के साथ-साथ पारिवारिक जीवन और व्यक्तिगत संघर्षों को भी साझा किया।


🔚 समापन

नैन्सी पेलोसी का संन्यास केवल एक सांसद की विदाई नहीं है, बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन है।
उन्होंने न केवल महिलाओं के लिए कांग्रेस के द्वार और ऊंचे किए, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा में भी केंद्रीय भूमिका निभाई।

उनकी राजनीतिक विरासत आने वाले वर्षों तक अमेरिकी राजनीति और वैश्विक नेतृत्व के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।


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