
नववर्ष के स्वागत की खुशियाँ तेलंगाना के मेडकल–मलकाजगिरी जिले में अचानक शोक में बदल गईं, जब एक घरेलू पार्टी के बाद भोजन करने से कई लोग बीमार पड़ गए। इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि 12 अन्य को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घरेलू जश्न बना संकट का कारण
भवानीनगर इलाके में रहने वाले कुछ दोस्तों ने 31 दिसंबर की रात नए साल के मौके पर अपने घर में ही पार्टी आयोजित की थी। सभी ने मिलकर चिकन और मछली से बना भोजन तैयार किया और उत्सव मनाया। पार्टी शांतिपूर्वक समाप्त हो गई और सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए, लेकिन कुछ ही समय बाद हालात बिगड़ने लगे।
अचानक बिगड़ी तबीयत
रात बीतते-बीतते कई लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। हालत गंभीर होने पर सभी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इनमें से 53 वर्षीय पांडू की स्थिति बेहद नाजुक बताई गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बाकी सभी मरीजों का उपचार जारी है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल नियंत्रण में है।
भोजन विषाक्तता की आशंका
चिकित्सकों की प्रारंभिक जांच में इसे भोजन विषाक्तता का मामला माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि या तो खाद्य सामग्री खराब थी, या फिर भोजन पकाने व रखने की प्रक्रिया में जरूरी सावधानियों का पालन नहीं किया गया।
पुलिस जांच में जुटी
जगतगिरीगुट्टा थाना पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भोजन में गड़बड़ी कैसे हुई और लापरवाही किस स्तर पर रही। खाद्य नमूनों की भी जांच कराई जा सकती है।
सबक और सतर्कता की जरूरत
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि त्योहारों और सामूहिक आयोजनों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा कितनी अहम होती है। खासकर मांसाहारी भोजन को सही तापमान पर पकाना, ठीक तरह से संग्रहित करना और समय पर परोसना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
नववर्ष का उत्सव एक परिवार के लिए कभी न भर पाने वाला घाव छोड़ गया और कई लोग अस्पताल तक पहुंच गए। यह हादसा समाज के लिए चेतावनी है कि आनंद के क्षणों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े संकट का कारण बन सकती है। जश्न के साथ जिम्मेदारी और सावधानी भी उतनी ही जरूरी है।