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टोंक में विस्फोटक सामग्री की बड़ी जब्ती: 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट के साथ दो आरोपी हिरासत में


राजस्थान के टोंक जनपद में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर संदिग्ध गतिविधियों पर करारा प्रहार किया है। एक वाहन से भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट मिलने के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। शुरुआती जांच में इसका संबंध अवैध खनन गतिविधियों से जुड़ता दिख रहा है।

🔍 कार्रवाई कैसे हुई?

1 जनवरी 2026 को जिला विशेष टीम (DST) को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर एनएच-52 पर एक उच्च श्रेणी की कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन के भीतर से करीब 150 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट सहित संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों—सुरेंद्र मोची और सुरेंद्र पटवा—को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

🧠 खुफिया तंत्र अलर्ट मोड में

इस संवेदनशील बरामदगी के बाद खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गईं। इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य केंद्रीय एजेंसियां आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। टोंक के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ से संकेत मिले हैं कि यह सामग्री विस्फोटक अपराध से अधिक अवैध खनन कार्यों में प्रयुक्त की जा रही थी।

⛰️ अवैध खनन का फैलता जाल

जांच में सामने आया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में चल रहे अवैध खनन कार्यों के लिए इस विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति की जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इसी कड़ी में कुछ अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है और पूरे सप्लाई चैन पर नजर रखी जा रही है।

🚔 सुरक्षा व्यवस्था सख्त

घटना के बाद टोंक जिले में सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी और बढ़ा दी गई है। सभी प्रमुख मार्गों पर निगरानी तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस मामले के तार किसी अन्य गैरकानूनी या राष्ट्रविरोधी गतिविधि से तो नहीं जुड़े हैं।

⚖️ कानून का अगला कदम

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इस दौरान विस्फोटक सामग्री की खरीद, परिवहन और संभावित उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


यह घटना न केवल अवैध खनन की गंभीर समस्या को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विस्फोटक पदार्थों का अनियंत्रित प्रसार कितने बड़े जोखिम को जन्म दे सकता है। समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़े खतरे को टाल दिया गया है।

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