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अहमदाबाद फ्लावर शो 2026: जब फूलों ने रचा विश्व इतिहास और भारत की आत्मा को दी वैश्विक पहचान 🌺🇮🇳


गुजरात की सांस्कृतिक राजधानी अहमदाबाद में आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय फ्लावर शो 2026 ने इस वर्ष केवल प्रकृति की सुंदरता ही नहीं दिखाई, बल्कि रचनात्मकता, सामूहिक सहभागिता और भारतीय मूल्यों का ऐसा संगम प्रस्तुत किया जिसने विश्व मंच पर भारत को नई ऊँचाई दी। यह आयोजन दो गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।


🌼 आयोजन का स्वरूप और उद्देश्य

साबरमती रिवरफ्रंट पर साकार हुआ यह भव्य पुष्पोत्सव 1 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित इस शो की मूल भावना रही—

“भारत एक गाथा”
अर्थात भारत की विविधता, संस्कृति, विरासत और आधुनिक उपलब्धियों को फूलों की भाषा में व्यक्त करना।


🌍 विश्व पटल पर भारत के दो ऐतिहासिक कीर्तिमान

🌸 1. विश्व का सबसे विशाल फ्लावर मंडला

इस शो की सबसे आकर्षक रचना रहा एक अद्वितीय पुष्प मंडला, जो आकार और सटीकता—दोनों के लिहाज से रिकॉर्ड बन गया।

🌺 2. सरदार पटेल का विराट पुष्प चित्र

भारत की एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित यह फ्लावर पोर्ट्रेट भावनात्मक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष रहा।

यह चित्र न केवल कला का उदाहरण है, बल्कि राष्ट्रनिर्माण के प्रतीक को पुष्प श्रद्धांजलि भी है।


🌿 नेतृत्व की प्रशंसा और राष्ट्रीय गर्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को जनभागीदारी, पर्यावरणीय चेतना और नवाचार का उत्कृष्ट नमूना बताते हुए कहा कि यह अहमदाबाद की ऊर्जा और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है।

वहीं मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इन गिनीज़ रिकॉर्ड्स को गुजरात की सृजनशीलता और वैश्विक पहचान का प्रमाण बताया और इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण कहा।


🎭 कला के माध्यम से सामाजिक सरोकार

फ्लावर शो 2026 केवल सौंदर्य प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। इसमें कई गहन सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी समाहित थे, जैसे—


🌏 भारत की रचनात्मक आत्मा का वैश्विक संदेश

लगातार तीन वर्षों से गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर रहा अहमदाबाद फ्लावर शो अब केवल एक स्थानीय आयोजन नहीं, बल्कि भारत की नवोन्मेषी शक्ति, सांस्कृतिक एकता और सामूहिक संकल्प का वैश्विक प्रतीक बन चुका है।

फूलों के माध्यम से कही गई यह भारतीय कहानी दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत परंपरा और आधुनिकता—दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।


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