
लैटिन अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में वेनेजुएला ने एक निर्णायक मोड़ देखा है। वर्षों से चले आ रहे सत्ता संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता के बाद अब देश में लोकतांत्रिक परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस घटनाक्रम पर वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों का बयान विशेष रूप से चर्चा में है।
मैक्रों का संदेश: तानाशाही का अंत, जन-इच्छा की जीत
फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वेनेजुएला की जनता को संबोधित करते हुए इसे आज़ादी का क्षण बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निकोलस मादुरो का शासन लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध था और उसका अंत वेनेजुएला के नागरिकों के सम्मान और अधिकारों की जीत है।
मैक्रों के अनुसार, किसी भी समाज में सत्ता का दमनकारी इस्तेमाल मानव गरिमा के लिए सबसे बड़ा खतरा होता है, और वेनेजुएला अब उस दौर से बाहर निकल रहा है।
सत्ता परिवर्तन की कहानी: वर्षों का संघर्ष, एक निर्णायक क्षण
वेनेजुएला में 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में एडमुंडो गोंजालेज़ उर्रुतिया को जनता का समर्थन मिला था, लेकिन सत्ता हस्तांतरण नहीं हो सका। इसके बाद राजनीतिक तनाव और गहराता चला गया।
3 जनवरी 2026 को हालात उस समय बदले जब एक निर्णायक अंतरराष्ट्रीय सैन्य कार्रवाई के बाद निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया। इसी के साथ देश में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया ने वास्तविक रूप लेना शुरू किया।
लोकतांत्रिक संक्रमण की ओर कदम
मैक्रों ने अपने वक्तव्य में कहा कि अब सबसे ज़रूरी है कि वेनेजुएला में सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण, पारदर्शी और संविधान के अनुरूप हो। उन्होंने विश्वास जताया कि एडमुंडो गोंजालेज़ उर्रुतिया इस कठिन दौर में देश को स्थिरता और लोकतंत्र की दिशा में आगे ले जाएंगे।
उनके अनुसार, यह परिवर्तन केवल सत्ता बदलने का नहीं बल्कि जनता के भरोसे को बहाल करने का अवसर है।
फ्रांस और यूरोप की सक्रिय भूमिका
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ निरंतर संपर्क में है। उद्देश्य है—राजनीतिक संक्रमण के दौरान सुरक्षा, स्थिरता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना।
फ्रांस ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए स्थिति पर करीबी निगरानी रखने का भरोसा भी दिलाया है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिक्रिया
मैक्रों की स्पष्ट और सशक्त प्रतिक्रिया को यूरोप की ओर से लोकतांत्रिक समर्थन का मजबूत संकेत माना जा रहा है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान यूरोपीय संघ की भविष्य की नीति को भी दिशा दे सकता है, खासकर उन देशों के संदर्भ में जहां लोकतंत्र खतरे में है।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस रुख की सराहना करते हुए कहा कि अब वैश्विक नेताओं को लोकतंत्र के पक्ष में और अधिक स्पष्ट होना होगा।
निष्कर्ष: वेनेजुएला के लिए नई उम्मीद
वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत केवल एक देश की राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह वैश्विक लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।
एमैनुएल मैक्रों का संदेश यह दर्शाता है कि लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानवाधिकार आज भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में हैं।
अब पूरी दुनिया की निगाहें वेनेजुएला के भविष्य पर टिकी हैं—क्या यह बदलाव जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगा? समय इसका उत्तर देगा।