
सिडनी के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे एशेज 2026 के निर्णायक पांचवें टेस्ट मैच का आगाज़ इंग्लैंड के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनना इंग्लिश कप्तान का साहसिक फैसला था, लेकिन पिच से मिल रही शुरुआती मदद ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को हावी होने का मौका दे दिया। बावजूद इसके, जो रूट और हैरी ब्रूक की सूझबूझ भरी साझेदारी ने पहले सत्र के अंत तक इंग्लैंड को संतुलन में ला खड़ा किया।
🌱 तेज गेंदबाजों के सामने लड़खड़ाई शुरुआत
इंग्लैंड के ओपनर ज़ाक क्रॉली और बेन डकेट ने पारी की शुरुआत संभलकर की और नई गेंद को सम्मान देते हुए रन बटोरे। शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड ने बिना नुकसान के स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन जल्द ही कंगारू गेंदबाजों ने लय पकड़ ली।
- मिशेल स्टार्क ने बेन डकेट को 27 रन पर पवेलियन भेजा।
- माइकल नेसर की सटीक गेंद पर ज़ाक क्रॉली 16 रन बनाकर आउट हुए।
- टेस्ट क्रिकेट में पहली बार खेल रहे जैकब बेथेल 10 रन बनाकर स्कॉट बोलैंड का शिकार बने।
इन लगातार झटकों के बाद इंग्लैंड का स्कोर 57 रन पर तीन विकेट हो गया, जिससे दबाव साफ नजर आने लगा।
🧱 रूट–ब्रूक की समझदारी ने बदला माहौल
संघर्ष के इस दौर में अनुभवी जो रूट और आक्रामक मिज़ाज के हैरी ब्रूक ने पारी की ज़िम्मेदारी संभाली। दोनों ने अनावश्यक जोखिम से बचते हुए गेंदबाजों को खेलने दिया और खराब गेंदों पर रन बटोरते रहे।
पहले सत्र में इन दोनों के बीच 57 रनों की अविजित साझेदारी देखने को मिली।
- जो रूट ने संयमित अंदाज़ में 31 रन बनाए, जिसमें आकर्षक चौके शामिल रहे।
- हैरी ब्रूक ने 23 रन जुटाए और अपने आत्मविश्वासपूर्ण शॉट्स से रनगति बनाए रखी।
लंच तक इंग्लैंड ने 3 विकेट खोकर 114 रन बना लिए थे, जो खराब शुरुआत के बाद एक राहत भरी स्थिति कही जा सकती है।
🇦🇺 भावनाओं से जुड़ा सिडनी टेस्ट
यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ एशेज का अंतिम टेस्ट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अवसर भी है। अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा ने इस मैच को यादगार बना दिया है। सिडनी का यह टेस्ट उनके करियर का आखिरी पड़ाव बन गया है।
🔍 आगे क्या?
इंग्लैंड की रणनीति अब इस स्थिर साझेदारी को लंबे स्कोर में बदलने की होगी, ताकि श्रृंखला का अंत सम्मान के साथ किया जा सके। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरे सत्र में नई ऊर्जा के साथ विकेट निकालकर मुकाबले पर पकड़ मजबूत करना चाहेगी।