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🇫🇷 गैलेट के बहाने संस्कृति का सम्मान: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांसीसी परंपराओं को दिया नया स्वर


फ्रांस में जनवरी का महीना केवल नए साल की शुरुआत नहीं होता, बल्कि यह सांस्कृतिक स्मृतियों और स्वाद से जुड़ी परंपराओं को पुनर्जीवित करने का समय भी होता है। इसी क्रम में “गैलेट दे रोआ” नामक पारंपरिक मिठाई देशभर में साझा की जाती है। इस वर्ष फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस परंपरा को राष्ट्रीय पहचान से जोड़ते हुए इसे विशेष सम्मान प्रदान किया।

🎬 राष्ट्रपति का संदेश: परंपरा के संरक्षकों के नाम

राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में फ्रांसीसी बेकर्स और कारीगरों की भूमिका को रेखांकित किया। वीडियो में वे एक मशहूर पेस्ट्री विशेषज्ञ के साथ गैलेट पर चर्चा करते नजर आए। उन्होंने कहा कि जो लोग रोज़ाना देशवासियों के लिए भोजन तैयार करते हैं, वे केवल पेशेवर नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं।

उनका संदेश स्पष्ट था — फ्रांस की पहचान सिर्फ उसके स्मारकों से नहीं, बल्कि उन हाथों से भी बनती है जो परंपराओं को जीवित रखते हैं।

🥧 गैलेट दे रोआ: एक मिठाई, कई अर्थ

गैलेट दे रोआ केवल एक स्वादिष्ट पेस्ट्री नहीं है, बल्कि यह समुदाय, साझेदारी और उत्सव का प्रतीक है। परंपरागत रूप से यह पफ पेस्ट्री और बादाम क्रीम से बनाई जाती है, और इसके भीतर एक छोटी प्रतीकात्मक वस्तु छिपी होती है। जिसे यह मिलती है, उसे दिनभर के लिए प्रतीकात्मक रूप से राजा या रानी माना जाता है।

यह परंपरा परिवारों और दोस्तों को एक साथ जोड़ने का अवसर प्रदान करती है।

👩‍🍳 कारीगरों की भूमिका को मिला सम्मान

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा दिया गया संदेश फ्रांस के खाद्य शिल्पकारों के लिए एक नैतिक समर्थन के रूप में देखा गया। बेकर्स, शेफ्स और खाद्य कलाकारों को उन्होंने राष्ट्रीय धरोहर का संरक्षक बताया। यह स्वीकारोक्ति उस मेहनत का सम्मान थी, जो वर्षों की परंपरा और कौशल से जन्म लेती है।

🌐 फ्रांसीसी पाक परंपरा की वैश्विक छवि

फ्रांस की पाक संस्कृति विश्वभर में गुणवत्ता और कलात्मकता का प्रतीक मानी जाती है। गैलेट जैसे व्यंजन इस बात की याद दिलाते हैं कि स्वाद भी एक सांस्कृतिक भाषा है। राष्ट्रपति का यह सार्वजनिक समर्थन दर्शाता है कि फ्रांस अपनी परंपराओं को केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य की पहचान मानता है।


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