
रेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी गुन्टूर–गुंटकल डबलिंग और विद्युतीकरण परियोजना आंध्र प्रदेश के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में मील का पत्थर साबित हो रही है। कुल 401 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में अब तक 359 किलोमीटर की कार्यवाही सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जो इस पहल की तेज़ गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
1. डबलिंग और विद्युतीकरण:
मौजूदा एकल रेल पटरियों को दोहरी लाइन में परिवर्तित किया गया है और पूरे मार्ग का विद्युतीकरण भी किया गया है। इससे न केवल ट्रेन संचालन की गति बढ़ेगी, बल्कि ऊर्जा की बचत और पर्यावरणीय लाभ भी सुनिश्चित होंगे।
2. नई ट्रेन सेवाओं का विस्तार:
डबल लाइन और इलेक्ट्रिक इंजन की सुविधा से नए यात्री और मालगाड़ी संचालन की संभावना बढ़ी है। इससे न केवल क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, बल्कि व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों को भी तेजी मिलेगी।
3. गति और परिचालन दक्षता में सुधार:
विद्युतीकरण से ट्रेनों की औसत गति में वृद्धि होगी, जिससे यात्रा समय घटेगा और संचालन की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
4. पूर्वी भारत से बेहतर कनेक्टिविटी:
यह परियोजना विशेष रूप से रेयलसीमा क्षेत्र को सशक्त बनाने में मदद करेगी। विशाखापत्तनम, कोलकाता और अन्य पूर्वी शहरों से तेज़ और कुशल रेल संचालन संभव होगा।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
1. स्थानीय रोजगार:
निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
2. कृषि और उद्योग में सुधार:
बेहतर रेल संपर्क से कृषि उत्पादों और औद्योगिक सामान की आवाजाही सरल होगी, जिससे किसानों और उद्यमियों को नए बाज़ार तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
3. पर्यटन को प्रोत्साहन:
रेल नेटवर्क की उन्नति से राज्य के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे आंध्र प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।
निष्कर्ष
गुन्टूर–गुंटकल डबलिंग और विद्युतीकरण परियोजना केवल तकनीकी उन्नति नहीं है, बल्कि आंध्र प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। यह परियोजना न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति में भी अहम योगदान करेगी।