
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर चल रहा एशेज 2025 का निर्णायक टेस्ट मुकाबला अपने अंतिम मोड़ पर पहुँच चुका है। पांचवें दिन लंच तक ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य की ओर मज़बूती से कदम बढ़ाते हुए 71 रन बना लिए हैं और अब उसे जीत दर्ज करने के लिए केवल 89 रनों की जरूरत है। आठ विकेट हाथ में होने के कारण मैच का रुख लगभग तय नज़र आ रहा है।
इंग्लैंड की पहली पारी: जो रूट की तकनीक और धैर्य का प्रदर्शन
मैच का आगाज़ इंग्लैंड ने बल्लेबाज़ी से किया और अनुभवी जो रूट ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाज़ी की परिपक्वता साबित की। रूट ने 160 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसमें समय का सही उपयोग और गेंदबाज़ों पर नियंत्रण साफ दिखाई दिया। यह एशेज 2025 में उनका दूसरा शतक रहा।
हैरी ब्रूक ने आक्रामक अंदाज़ में 84 रन जोड़े, जबकि जेमी स्मिथ ने निचले क्रम में 27 रनों का योगदान दिया। इसके बावजूद इंग्लैंड की पारी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी के सामने बहुत लंबी नहीं टिक सकी।
मेज़बान टीम की ओर से माइकल नेसर सबसे प्रभावी रहे, जिन्होंने चार विकेट झटके। मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड ने भी अहम सफलताएँ हासिल कीं, जिससे इंग्लैंड की पारी दबाव में आ गई।
ऑस्ट्रेलिया का जवाब: बल्लेबाज़ी का पूर्ण प्रभुत्व
पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। टीम ने 567 रन बनाकर 183 रनों की विशाल बढ़त हासिल की। कप्तान स्टीव स्मिथ ने 138 रनों की कप्तानी पारी खेली, जिसमें धैर्य और निरंतरता साफ झलकी।
ट्रैविस हेड ने मैच का रुख ही बदल दिया। उनकी 163 रनों की तेज़ और आक्रामक पारी ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की रणनीति को पूरी तरह तोड़ दिया। ब्यू वेबस्टर के 71 रन भी इस विशाल स्कोर में निर्णायक साबित हुए।
इंग्लैंड की गेंदबाज़ी में ब्राइडन कार्स और जोश टंग ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ी के सामने वे असरदार साबित नहीं हो सके।
इंग्लैंड की दूसरी पारी: जैकब बेथेल की उम्मीद भरी लड़ाई
फॉलो-अप पारी में इंग्लैंड की शुरुआत फिर लड़खड़ाई, लेकिन युवा जैकब बेथेल ने असाधारण जुझारूपन दिखाया। मात्र 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने 154 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों को लंबी चुनौती दी।
यह उनके करियर का पहला फर्स्ट-क्लास शतक था और एशेज जैसे बड़े मंच पर यह पारी इंग्लैंड के भविष्य के लिए उम्मीद का संकेत मानी जा रही है। इंग्लैंड की पूरी टीम दूसरी पारी में 342 रन ही बना सकी।
मिचेल स्टार्क ने एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित करते हुए तीन विकेट लिए और श्रृंखला में अपने विकेटों की संख्या 32 तक पहुँचा दी।
लक्ष्य का पीछा: ऑस्ट्रेलिया का आत्मविश्वास चरम पर
160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने सतर्क लेकिन सकारात्मक शुरुआत की। ट्रैविस हेड और जेक वेदराल्ड ने पहले विकेट के लिए तेज़ी से रन जोड़े और इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर शुरुआती दबाव बना दिया।
हालांकि दोनों बल्लेबाज़ लंच से पहले आउट हो गए, लेकिन तब तक टीम को मज़बूत स्थिति में पहुँचा चुके थे। अब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए केवल 89 रन चाहिए और उसके पास पर्याप्त विकेट मौजूद हैं।
निष्कर्ष
मौजूदा परिस्थितियों, पिच की स्थिति और मैच की दिशा को देखते हुए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि एशेज 2025 का समापन ऑस्ट्रेलिया की जीत के साथ होता हुआ दिखाई दे रहा है। इंग्लैंड ने व्यक्तिगत प्रदर्शन ज़रूर किए, लेकिन समग्र रूप से ऑस्ट्रेलिया ने पूरे टेस्ट में हर विभाग में श्रेष्ठता दिखाई है।