
कानपुर | 8 जनवरी 2026
कानपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपों को लेकर सामने आए मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस प्रकरण में आरोपी बनाए गए व्यक्ति ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा है कि “अगर मैं गलत साबित होता हूं, तो मुझे फांसी की सजा दी जाए”। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दिया है।
आरोपी का कहना है कि उस पर लगाए गए आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं तथा उसकी छवि खराब करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। उसने यह भी दावा किया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा और उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
दूसरी ओर, पीड़िता के परिजनों ने आरोपी के बयान को दबाव बनाने की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि बयानबाज़ी से सच्चाई नहीं बदलती और तथ्यों व सबूतों के आधार पर ही न्याय होना चाहिए। परिवार ने दोहराया कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में आवश्यक जानकारी है और वे किसी भी तरह के समझौते या दबाव में आने वाले नहीं हैं।
इस मामले में पहले ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ चुके हैं। आरोप है कि शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और कार्रवाई में देरी हुई। अब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद जांच प्रक्रिया तेज होने की बात कही जा रही है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी आरोपी का ऐसा बयान कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करता, क्योंकि फैसला केवल जांच, सबूत और अदालत के निष्कर्षों के आधार पर ही होता है।
कानपुर का यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पीड़िता को न्याय कब तक मिलता है।