
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 जनवरी 2026 को प्रयागराज दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य विश्वप्रसिद्ध माघ मेला के आगामी स्नान पर्व से जुड़ी व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना है। यह यात्रा आस्था के इस महाआयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
संगम तट और माघ मेला की आध्यात्मिक परंपरा
गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम स्थल प्रयागराज में आयोजित माघ मेला सनातन संस्कृति की एक जीवंत परंपरा है। पौष पूर्णिमा से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से संत, कल्पवासी और श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान के लिए पहुंचते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी केंद्र है।
मुख्यमंत्री का फोकस: श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने प्रयागराज प्रवास के दौरान विशेष रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान देंगे:
- स्नान पर्व की व्यवस्थाएँ: भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सहायता और यातायात संचालन का विस्तृत जायजा।
- संत-महात्माओं से संवाद: मेला क्षेत्र में ठहरे संतों और अखाड़ों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनके सुझावों और आवश्यकताओं को समझना।
- रामानंदाचार्य जयंती कार्यक्रम में सहभागिता: संत रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल होकर सामाजिक समरसता और भक्ति परंपरा का संदेश देना।
- शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण: राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की प्रगति और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा।
प्रशासनिक समन्वय और जनभागीदारी
माघ मेला को सफल बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों के बीच सुदृढ़ तालमेल सुनिश्चित किया है। पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निकाय, बिजली, जल आपूर्ति और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों की सहभागिता को भी अहम माना जा रहा है।
स्नान पर्व और सांस्कृतिक चेतना
माघ मेला के दौरान आने वाले प्रमुख स्नान पर्व—जैसे पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, अचला सप्तमी, जया एकादशी और माघ पूर्णिमा—आस्था, तप और आत्मचिंतन के विशेष अवसर माने जाते हैं। इन पर्वों के माध्यम से भारतीय दर्शन, साधना और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रयागराज यात्रा यह स्पष्ट करती है कि राज्य सरकार माघ मेला को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान के रूप में देखती है। सुदृढ़ प्रशासनिक तैयारी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर केंद्रित यह दृष्टिकोण माघ मेला 2026 को एक यादगार और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।