
वाइब्रेंट गुजरात समिट से प्रधानमंत्री मोदी का सशक्त वैश्विक संदेश
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक आत्मविश्वास से भरा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल संभावनाओं का देश नहीं रहा, बल्कि तेज़ गति से परिणाम देने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल परिवर्तन और नीति-आधारित निर्णयों के माध्यम से वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर अपनी स्थिति को मज़बूत किया है। उत्पादन, स्टार्टअप संस्कृति, तकनीक और आधारभूत ढांचे में निरंतर निवेश ने देश को विकास की नई दिशा दी है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज भारत विदेशी निवेशकों के लिए भरोसेमंद और स्थिर गंतव्य बन चुका है। पारदर्शी नीतियाँ, मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएँ और युवा आबादी भारत को दीर्घकालिक विकास के लिए विशिष्ट बनाती हैं। इसी कारण विश्व के अनेक देश और बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत को अपनी रणनीतिक प्राथमिकता मान रही हैं।
वाइब्रेंट गुजरात समिट को प्रधानमंत्री ने ‘विकास का वैश्विक सेतु’ बताया, जहाँ नवाचार, उद्योग और साझेदारी के नए अवसर आकार लेते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल आर्थिक गति बनाए रखेगा, बल्कि वैश्विक विकास में नेतृत्वकारी भूमिका भी निभाएगा।
प्रधानमंत्री का यह संदेश स्पष्ट है—भारत अब भविष्य की प्रतीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि स्वयं भविष्य का निर्माण कर रहा है। यह आर्थिक उड़ान देश के आत्मविश्वास, सामूहिक प्रयास और दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है।