
संक्षिप्त आकलन
14 जनवरी को निफ्टी में हल्की कमजोरी जरूर दिखी, लेकिन बाजार के जानकार इसे ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं मान रहे। तकनीकी और सेक्टोरल संकेत बताते हैं कि यह दबाव अल्पकालिक हो सकता है और आने वाले सत्रों में तेज़ी की वापसी संभव है।
हालिया बाजार चाल
- 13 जनवरी को निफ्टी लगभग 57 अंकों की गिरावट के साथ 25,732 पर बंद हुआ और अहम 25,750 के स्तर से फिसल गया।
- कारोबार के दौरान इंडेक्स 25,603 तक नीचे गया, लेकिन अंतिम घंटे में हुई तेज़ रिकवरी (करीब 150 अंक) ने बाजार में खरीदारी की मौजूदगी को स्पष्ट किया।
- सेंसेक्स भी करीब 250 अंक टूटकर 83,627 पर बंद हुआ, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुझान रहा।
आगे तेज़ी की उम्मीद क्यों?
🔍 तकनीकी संकेत
- निफ्टी के लिए 25,900 (50 DEMA) और 26,000 (20 DEMA) के ऊपर टिकना निर्णायक माना जा रहा है।
- 25,473 का स्तर हालिया स्विंग लो है, जो मजबूत सपोर्ट की भूमिका निभा सकता है।
🏦 सेक्टरों का सहयोग
- आईटी, मीडिया, पीएसयू बैंक और मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली है।
- ये सेक्टर बाजार की धारणा को सहारा दे रहे हैं और गिरावट में खरीद के संकेत दे रहे हैं।
🌍 घरेलू और वैश्विक कारक
- डेरिवेटिव एक्सपायरी समाप्त होने के बाद अस्थिरता में कमी की उम्मीद है।
- तिमाही नतीजों की शुरुआत से निवेशकों को नई दिशा मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
⏱️ अल्पकालिक रणनीति
- 25,900 के ऊपर मजबूती तेज़ी के रुझान को पुख्ता करेगी।
- 25,473 को स्टॉप-लॉस के स्तर के रूप में देखा जा सकता है।
🧭 दीर्घकालिक दृष्टिकोण
- सेक्टोरल रोटेशन के चलते चुनिंदा शेयरों में अवसर बन सकते हैं।
- आईटी और बैंकिंग क्षेत्र पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
⚠️ संभावित जोखिम
- वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं और एफआईआई की चाल बाजार की दिशा अचानक बदल सकती है।
- एफएमसीजी और फार्मा जैसे कुछ बड़े सेक्टरों में कमजोरी निफ्टी की तेज़ी पर आंशिक दबाव बना सकती है।
निष्कर्ष
14 जनवरी को आई निफ्टी की गिरावट को बाजार विशेषज्ञ एक स्वस्थ करेक्शन के रूप में देख रहे हैं। मजबूत सपोर्ट, रिकवरी संकेत और चुनिंदा सेक्टरों की भागीदारी यह संभावना जता रही है कि आने वाले सत्रों में निफ्टी दोबारा सकारात्मक रुख अपना सकता है। निवेशकों के लिए 25,900–26,000 का दायरा फिलहाल सबसे अहम रहेगा।