
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में धार्मिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एक खाली पड़े निजी मकान में बिना किसी पूर्व अनुमति सामूहिक धार्मिक आयोजन किए जाने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित हस्तक्षेप करते हुए 15 लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
क्या है पूरा मामला?
बिशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में रविवार को ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई कि एक खाली मकान में नियमित रूप से धार्मिक क्रियाएं की जा रही हैं। आशंका जताई गई कि उस स्थान को धीरे-धीरे धार्मिक स्थल का रूप दिया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान पाया गया कि मकान के भीतर कई लोग एकत्र होकर नमाज़ अदा कर रहे थे। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि इसके लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही वह स्थान अधिकृत धार्मिक स्थल की श्रेणी में आता है।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक व्यवस्था और नियमों के उल्लंघन का मामला बनता है। इसी आधार पर कुल 15 लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी निजी भवन में सामूहिक धार्मिक गतिविधि संचालित करने से पूर्व संबंधित विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, ताकि कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बना रहे।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने साफ किया है कि धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, लेकिन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर निगरानी और कड़ी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि समय रहते रोकी जा सके।