
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए 2026 का यह ओडीआई सीरीज अनुभव काफ़ी निराशाजनक रहा। इंदौर में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे मैच में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ 41 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिससे तीन मैचों की सीरीज 2-1 से कीवी टीम के नाम रही। इस सीरीज में विराट कोहली का 54वां वनडे शतक भी टीम को हार से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं साबित हुआ। इस नतीजे ने कई सवाल खड़े कर दिए कि आखिर कौन थे भारत की हार के “विलेन”।
1. रोहित शर्मा का धीमा प्रदर्शन
भारत के अनुभवी ओपनर रोहित शर्मा इस सीरीज में पूरी तरह फ्लॉप रहे। तीनों मैचों में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा—26, 24 और 11 रन की पारियां खेलकर वह जल्दी आउट हो गए। पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत ना देने से टीम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। असिस्टेंट कोच रयान टेन ने भी माना कि रोहित प्रैक्टिस मैचों की कमी से जूझ रहे थे और इससे टीम का प्रारंभिक प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
2. रवींद्र जडेजा का दोनों ओवरों में असफल रहना
ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा इस सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से कमजोर नजर आए। उन्होंने आखिरी वनडे में 6 ओवर में 41 रन देकर कोई विकेट नहीं लिया। साथ ही, तीन मैचों में उनका बल्लेबाजी योगदान भी बेहद कम रहा—4, 27 और 12 रन। जडेजा का असफल होना टीम के बीच के ओवरों में दबाव बढ़ाने का कारण बना।
3. मिडिल ऑर्डर की निराशाजनक साझेदारी
श्रेयस अय्यर और केएल राहुल जैसे खिलाड़ी मिडिल ऑर्डर में योगदान देने में नाकाम रहे। अंतिम वनडे में भारत 28/0 से 71/4 तक पहुंचा, यानी सिर्फ 9 ओवर में 4 विकेट गिर गए। इस दौरान विराट कोहली ने 124 रन की पारी खेलकर टीम को संभाला, लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पाए। नीतीश कुमार रेड्डी ने 52 रन बनाकर कोशिश की, लेकिन पर्याप्त नहीं था।
4. कुलदीप यादव का महंगा गेंदबाजी प्रदर्शन
तीसरे वनडे में कुलदीप यादव भी महंगे साबित हुए। 6 ओवर में सिर्फ 1 विकेट लेने के बावजूद उन्होंने 48 रन खर्च किए, जिससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका मिला।
5. केएल राहुल का कोहली के साथ साझेदारी ना कर पाना
दूसरे वनडे में शतक लगाने वाले केएल राहुल तीसरे मैच में बेहद कमजोर दिखे। सिर्फ 6 गेंदों में 1 रन बनाकर आउट होना, कोहली के साथ कोई मजबूत साझेदारी ना कर पाने की वजह बना। यदि राहुल ने कोहली के साथ टिककर बल्लेबाजी की होती तो शायद मैच का परिणाम अलग हो सकता था।
निष्कर्ष
इस हार के पीछे सिर्फ एक या दो खिलाड़ियों का दोष नहीं है। पूरी टीम का प्रदर्शन, खासकर रोहित शर्मा और मिडिल ऑर्डर, असफल साबित हुआ। जडेजा और कुलदीप का फ्लॉप होना भी टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका रहा। हालांकि विराट कोहली ने शानदार शतक जड़ा, लेकिन टीम को जीत दिलाने के लिए एकल प्रयास पर्याप्त नहीं था।
भारत की यह हार 37 साल में पहली बार घर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाने का रिकॉर्ड बन गई। अब सवाल यह उठता है कि आगामी मैचों में टीम को कैसे मजबूत किया जाए और इन “विलेन” प्रदर्शन को कैसे सुधारा जाए।