HIT AND HOT NEWS

यूएई राष्ट्रपति के भारत दौरे से भारत-खाड़ी रिश्तों को नई मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का भारत आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया। यह आधिकारिक दौरा भारत और यूएई के बीच तेजी से मजबूत होते रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और गहराई देने वाला माना जा रहा है।

रणनीतिक साझेदारी पर विशेष जोर

दोनों नेताओं के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं में रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और यूएई पहले ही व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत साथ काम कर रहे हैं, और इस दौरे ने आपसी विश्वास को और मजबूत किया है।

आर्थिक सहयोग को मिलेगा नया विस्तार

वार्ता का एक प्रमुख केंद्र व्यापार और निवेश रहा। दोनों देशों ने बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, फिनटेक और स्टार्टअप सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया। यूएई भारत के प्रमुख निवेश भागीदारों में शामिल है, वहीं भारत भी खाड़ी क्षेत्र में एक अहम आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

प्रवासी भारतीयों की भूमिका अहम

यूएई में रहने वाले लाखों भारतीय नागरिक दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत कड़ी माने जाते हैं। इस दौरे के दौरान श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई, जिससे प्रवासी भारतीयों को और बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

सांस्कृतिक और वैश्विक सहयोग

भारत-यूएई संबंध केवल व्यापार और रणनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक मंचों पर साझा दृष्टिकोण भी इस साझेदारी को मजबूत बनाता है। दोनों देश जलवायु परिवर्तन, वैश्विक शांति और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भी मिलकर काम करने के इच्छुक दिखे।

भविष्य की दिशा

यूएई राष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे में भारत और यूएई का और करीब आना न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत-यूएई रिश्तों में एक और मजबूत अध्याय जोड़ती है और आने वाले वर्षों में सहयोग के नए रास्ते खोलने का संकेत देती है।

Exit mobile version