
26 जनवरी को मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने इस वर्ष निगरानी व्यवस्था को एक नई तकनीकी ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में संभावित खतरों से निपटने के लिए पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट ग्लासेस का सहारा ले रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर तुरंत नज़र रखी जा सकेगी।
👓 क्या है AI स्मार्ट ग्लास तकनीक?
ये आधुनिक स्मार्ट चश्मे चेहरे की पहचान करने वाली उन्नत प्रणाली से जुड़े होते हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी जब इन ग्लासेस को पहनकर क्षेत्र में गश्त करते हैं, तो सामने आने वाले चेहरों का लाइव विश्लेषण किया जाता है। यह डाटा पहले से मौजूद सुरक्षा डेटाबेस से स्वतः मिलाया जाता है।
🚨 संदिग्ध दिखते ही अलर्ट
यदि कोई व्यक्ति वांछित अपराधी, फरार आरोपी या सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी सूची में दर्ज पाया जाता है, तो तुरंत संबंधित पुलिस टीम को अलर्ट मिल जाता है। इससे बिना देरी किए आवश्यक कार्रवाई संभव हो पाती है और किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सकता है।
🛡️ पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ी पुलिस
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं, बल्कि तेज़, सटीक और प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कैमरे, ड्रोन और कंट्रोल रूम की निगरानी के साथ अब AI स्मार्ट ग्लासेस सुरक्षा चक्र को और मज़बूत बना रहे हैं।
🇮🇳 सुरक्षित और शांतिपूर्ण समारोह पर फोकस
प्रशासन का कहना है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से न सिर्फ पुलिस की क्षमता बढ़ी है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा रहा है।