
15 साल से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया बंद, सितंबर 2026 से लागू होगा कानून
भूमिका
डिजिटल युग में बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम और मानसिक प्रभावों को देखते हुए फ्रांस ने एक ऐतिहासिक और कड़ा निर्णय लिया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अगुवाई में सरकार ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की पहल की है। इसे बच्चों के मानसिक विकास, सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
निर्णय क्यों लिया गया?
पिछले कुछ वर्षों में फ्रांस सहित पूरी दुनिया में यह चिंता बढ़ी है कि सोशल मीडिया बच्चों के व्यवहार, एकाग्रता और आत्म-छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है। कई वैज्ञानिक अध्ययनों और मनोवैज्ञानिक रिपोर्टों में यह बात सामने आई कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग चिंता, अवसाद और सामाजिक अलगाव को बढ़ा सकता है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर फ्रांस सरकार ने इस कानून को आगे बढ़ाया।
कानून की विधायी स्थिति
- फ्रांस की नेशनल असेंबली ने प्रस्तावित कानून को स्पष्ट बहुमत से मंजूरी दे दी है।
- अब यह विधेयक सीनेट में चर्चा के चरण में है, जहां इसके शीघ्र पारित होने की संभावना जताई जा रही है।
- राष्ट्रपति मैक्रों ने “तेज विधायी प्रक्रिया” अपनाने पर जोर दिया है ताकि नया कानून 1 सितंबर 2026, यानी अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से लागू किया जा सके।
राष्ट्रपति मैक्रों का सख्त संदेश
राष्ट्रपति मैक्रों ने इस फैसले को केवल तकनीकी नहीं, बल्कि वैचारिक और नैतिक कदम बताया है। उनका कहना है कि
“बच्चों की सोच और भावनाएं किसी एल्गोरिद्म की गुलाम नहीं बननी चाहिए।”
उन्होंने विदेशी तकनीकी कंपनियों पर आरोप लगाया कि वे बच्चों की भावनाओं और ध्यान को व्यावसायिक लाभ के लिए नियंत्रित करती हैं। मैक्रों के अनुसार, यह कानून एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने की दिशा में कदम है जो लोकतांत्रिक मूल्यों, आत्मसम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी को समझती हो।
प्रस्तावित कानून की प्रमुख विशेषताएं
बिंदु विवरण उम्र सीमा 15 वर्ष से कम लागू होने की तिथि 1 सितंबर 2026 दायरा सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अन्य प्रस्ताव स्कूल और हाई स्कूल परिसरों में मोबाइल फोन पर अतिरिक्त सख्ती आधार मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की रिपोर्ट और शोध जन प्रतिक्रिया आम नागरिकों और अभिभावकों का व्यापक समर्थन
वैश्विक संदर्भ में फ्रांस का कदम
फ्रांस का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध का कानून पारित किया था। फ्रांस अब यूरोप का पहला देश है जिसने इस दिशा में ठोस कानूनी ढांचा तैयार किया है।
निष्कर्ष
फ्रांस का यह निर्णय यह दर्शाता है कि डिजिटल स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक और मानसिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बच्चों को तकनीक से दूर करने की नहीं, बल्कि सही उम्र और संतुलन के साथ तकनीक से जोड़ने की यह कोशिश आने वाले वर्षों में वैश्विक नीतियों को प्रभावित कर सकती है।