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धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोपों से जुड़ा आत्महत्या मामला, कानपुर–लखनऊ कनेक्शन की गहन जांच में जुटी पुलिस

कानपुर नगर में सामने आए एक संवेदनशील मामले ने प्रदेश में हलचल मचा दी है। पनकी थाना क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में एक 23 वर्षीय युवक की आत्महत्या के पीछे कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए बनाए गए दबाव के आरोप सामने आए हैं। घटना से पहले युवक द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया वीडियो अब जांच का अहम आधार बन गया है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रोहित उर्फ दीपक के रूप में हुई है, जो कानपुर नगर का निवासी था। मृतक अविवाहित था और वर्तमान में पारचून की दुकान चलाता था। इससे पहले वह ऑटो रिक्शा चालक के रूप में भी काम कर चुका था। परिजनों का कहना है कि 26 जनवरी को रोहित अपनी बहन से मिलने लखनऊ गया था, जो वहां पॉलिटेक्निक में अध्ययनरत है।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि लखनऊ में ट्रेन से यात्रा के दौरान चारबाग रेलवे स्टेशन पर चार अज्ञात व्यक्तियों ने रोहित को अपने साथ ले जाकर उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसके साथ मारपीट भी की। इस घटना के बाद रोहित मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था।

कानपुर लौटने के बाद रोहित ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाला, जिसमें उसने अपने ऊपर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने और कुछ गंभीर आरोपों का उल्लेख किया। वीडियो में उसने महिलाओं के सम्मान और नशे से दूर रहने जैसी बातें भी कही हैं, जिसे पुलिस जांच के दायरे में लिया गया है।

घटना के बाद परिजन रोहित को अस्पताल ले गए, लेकिन उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी गई। बाद में जब शव घर वापस लाया गया तो प्रारंभ में पोस्टमार्टम को लेकर भी परिजनों की सहमति नहीं थी। इसी बीच एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट, जिसमें मृतक को मानसिक रूप से अस्थिर बताया गया था, से परिजन आहत हो गए। इसके विरोध में उन्होंने जाम लगाया और मुआवजे की मांग की।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो चारबाग रेलवे स्टेशन और उससे जुड़े अन्य स्थानों पर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच का भरोसा भी पुलिस प्रशासन की ओर से दिया गया है।

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