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महिला पटवारी दुष्कर्म मामले में उज्जैन के डिप्टी कलेक्टर दोषी करार, 10 साल की सजा


उज्जैन | 1 फरवरी 2026

महिला पटवारी से दुष्कर्म के एक बहुचर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए वर्तमान उज्जैन डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी अधिकारी को 10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामला सामने आने के बाद से ही यह प्रकरण प्रशासनिक हलकों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। अदालत के फैसले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी पद की ताकत का दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित महिला पटवारी ने वर्ष 2024 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी अभय सिंह खराड़ी ने 2016 से 2024 के बीच अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए

महिला के अनुसार, इस लंबे समय के दौरान उसके साथ 4 से 5 बार दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने बताया कि वह लंबे समय तक डर और दबाव में रही, क्योंकि आरोपी एक प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी था।

22 दिसंबर 2023 की घटना का भी जिक्र

शिकायत में 22 दिसंबर 2023 की एक गंभीर घटना का भी उल्लेख किया गया है। महिला के मुताबिक, उस रात करीब 10 बजे आरोपी जुलवानिया की गायत्री कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंचा। वहां उसने महिला के साथ मारपीट, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

इसी घटना के बाद महिला ने चुप्पी तोड़ते हुए पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

कोर्ट का सख्त रुख

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किया गया अपराध अधिक गंभीर होता है, क्योंकि इससे जनता का भरोसा टूटता है।

प्रशासन और समाज के लिए संदेश

यह फैसला उन मामलों में एक अहम उदाहरण माना जा रहा है, जहां सत्ता और पद के दुरुपयोग के आरोप लगते हैं। अदालत के निर्णय को महिला सुरक्षा और न्याय के नजरिए से एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


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