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चित्रकूट में स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ युवाओं का अनोखा विरोध


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शहीद पार्क में कफन सत्याग्रह और अनशन का दूसरा दिन, एक प्रदर्शनकारी की हालत हुई खराब

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चित्रकूट जिले में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में युवाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जिला अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्थाओं, इलाज में लापरवाही और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर युवाओं ने शहीद पार्क में कफन सत्याग्रह शुरू किया है। आंदोलन का आज दूसरा दिन है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल न होने से प्रदर्शनकारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।

इलाज के अभाव का प्रतीक बना कफन सत्याग्रह

आंदोलनकारियों का कहना है कि चित्रकूट में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि मरीजों के लिए अस्पताल जीवन रक्षक नहीं, बल्कि भय का कारण बनते जा रहे हैं। कफन सत्याग्रह के माध्यम से युवा यह संदेश देना चाहते हैं कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आम जनता का जीवन खतरे में पड़ सकता है।

दूसरे दिन बिगड़ी अनशनकारी की तबीयत

अनशन के दूसरे दिन एक युवा प्रदर्शनकारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे आंदोलन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। साथी युवाओं ने तुरंत प्राथमिक सहायता की व्यवस्था की और प्रशासन को सूचना दी। हालांकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का असर अब आंदोलन पर भी दिखने लगा है।

युवाओं की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने जिला प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें जिला अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता, दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति, जांच सुविधाओं में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी शामिल है। युवाओं का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासनिक चुप्पी पर बढ़ता आक्रोश

आंदोलनकारियों का आरोप है कि अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने का प्रयास नहीं किया है। इससे युवाओं में निराशा के साथ-साथ गुस्सा भी बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के लिए किया जा रहा है।

आगे और उग्र होने के संकेत

युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो आम नागरिकों को भी इस सत्याग्रह से जोड़ा जाएगा, ताकि चित्रकूट की स्वास्थ्य व्यवस्था में वास्तविक सुधार सुनिश्चित हो सके।


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