
गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित एक आवासीय कॉन्डो से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ तीन वर्ष की बच्ची के साथ यौन अपराध किए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घटना पीड़िता के ही निवास स्थान पर हुई, जहाँ घर में काम करने वाले मददगारों और उनके एक पुरुष साथी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। परिजनों को बच्ची के असामान्य व्यवहार और स्वास्थ्य संबंधी संकेतों से संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लिया और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। नाबालिग से जुड़े मामलों में लागू कड़े कानूनों के अंतर्गत जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है, ताकि तथ्यात्मक आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और क्या सुरक्षा मानकों में कोई चूक हुई। कॉन्डो प्रबंधन से भी सीसीटीवी फुटेज और प्रवेश-रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता और उसके परिवार की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही, बच्ची और परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें काउंसलिंग और कानूनी सहयोग शामिल है।
यह मामला एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में घरेलू सहायता कर्मियों की पृष्ठभूमि जांच और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की देखभाल करने वालों के चयन में सतर्कता, नियमित निगरानी और जागरूकता बेहद आवश्यक है।
पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तेजी से की जाएगी, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।