
उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की गई है। मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत अब नागरिकों को अतिरिक्त समय मिल सकेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 3 मार्च 2026 कर दिया है।
यह निर्णय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दी गई सिफारिश के आधार पर लिया गया है। आयोग का मानना है कि समयसीमा में विस्तार से उन नागरिकों को भी अवसर मिलेगा, जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
निर्वाचन आयोग की इस पहल से नाम जोड़ने, त्रुटि सुधारने या आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया और अधिक समावेशी बनेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मतदाताओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी जानकारी की जांच अवश्य कर लें और किसी भी प्रकार की गलती पाए जाने पर तत्काल सुधार के लिए आवेदन करें, ताकि आगामी चुनावों में मतदान के अधिकार का पूरा लाभ मिल सके।