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एआई की वैश्विक दौड़ में फ्रांस की नई चाल: मैक्रों का दीर्घकालिक दृष्टिकोण


कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के हालिया वक्तव्य ने यह साफ कर दिया है कि फ्रांस इस तकनीकी क्रांति को एक दिखावटी परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भविष्य के आधार स्तंभ के रूप में देख रहा है। आलोचकों के सवालों का जवाब देते हुए मैक्रों ने संकेत दिया कि फ्रांस का एआई निवेश अल्पकालिक प्रचार नहीं, बल्कि दशकों तक असर डालने वाली रणनीति है।

फ्रांस का एआई रोडमैप: आंकड़ों से आगे की कहानी

शोध और प्रतिभा पर फोकस
करीब €30 मिलियन की राशि वैश्विक स्तर के लगभग चालीस प्रमुख शोधकर्ताओं को फ्रांस से जोड़ने के लिए निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य न केवल प्रतिभा आकर्षित करना है, बल्कि अनुसंधान स्वतंत्रता और अकादमिक मूल्यों को बढ़ावा देना भी है।

‘फ्रांस 2030’ और एआई का एकीकरण
वर्ष 2022 से शुरू हुई €54 बिलियन की “फ्रांस 2030” योजना में एआई को स्वास्थ्य, जलवायु, ऊर्जा और बुनियादी विज्ञान जैसे क्षेत्रों की धुरी बनाया गया है। यह योजना दर्शाती है कि एआई फ्रांस के विकास मॉडल का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

निजी क्षेत्र की भागीदारी
पेरिस एआई शिखर सम्मेलन में €100 बिलियन से अधिक के निजी निवेश की घोषणा हुई, जिसमें फ्रांसीसी ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ भी शामिल हैं। यह भरोसा दिखाता है कि वैश्विक उद्योग फ्रांस को एक भरोसेमंद एआई केंद्र मान रहा है।

डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़त
2025 में डाटा सेंटर निर्माण के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने के मामले में फ्रांस का शीर्ष पर होना इस बात का संकेत है कि देश डिजिटल बुनियादी ढांचे में भविष्य की जरूरतों को पहले ही पहचान चुका है।

व्यापक प्रभाव: तकनीक से समाज तक

फ्रांस की एआई नीति केवल स्टार्टअप्स और लैब तक सीमित नहीं है। इसके असर समाज के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिख सकते हैं—

निष्कर्ष

इमैनुएल मैक्रों का दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि फ्रांस एआई को सिर्फ तकनीकी प्रतिस्पर्धा का हथियार नहीं, बल्कि सामाजिक विकास और मानव कल्याण का माध्यम मानता है। यह सोच फ्रांस को न केवल यूरोप में, बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई नवाचार और नीति-निर्धारण का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ले जा रही है।


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