
तेज़ी से फैलते शहरी ढांचे और बढ़ती आबादी के बीच नोएडा–ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार ने की विस्तार योजना को मंज़ूरी दी है, जिसके तहत सेक्टर 142 से बॉटेनिकल गार्डन तक लगभग 11.56 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस रूट पर 8 आधुनिक एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 61.62 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी।
क्या है इस विस्तार की खासियत?
1. बेहतर इंटरचेंज सुविधा
बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन पर यात्रियों को की ब्लू और मैजेंटा लाइन से सीधा जुड़ाव मिलेगा। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रा कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।
2. व्यापार और सेवा क्षेत्र को मजबूती
नया कॉरिडोर आईटी पार्क, कॉर्पोरेट दफ्तरों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और शॉपिंग हब से कनेक्टिविटी बेहतर करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
3. सड़क यातायात का बोझ कम
दैनिक यात्रियों के लिए मेट्रो एक भरोसेमंद विकल्प बनेगी, जिससे जाम और सफर का समय दोनों में कमी आएगी।
4. पर्यावरण के लिए सकारात्मक पहल
कम-उत्सर्जन और ऊर्जा-कुशल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी।
5. लागत और समयसीमा
करीब ₹2,254 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना चार वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
शहरी परिदृश्य में बदलाव
का यह हिस्सा देश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक और सेवा केंद्रों में शामिल है। बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से:
- नए रोज़गार अवसर सृजित होंगे।
- निवेश और व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
- आवागमन आसान होने से जीवन स्तर सुधरेगा।
- दिल्ली और आसपास के इलाकों के बीच समन्वय और मजबूत होगा।
भविष्य की दिशा
यह विस्तार केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की रणनीति का अहम हिस्सा है। आधुनिक अवसंरचना, पर्यावरणीय संतुलन और आर्थिक उन्नति—इन तीनों को साथ लेकर चलने का प्रयास इस योजना में दिखाई देता है।
आने वाले समय में यह मेट्रो विस्तार नोएडा और ग्रेटर नोएडा को एक अधिक संगठित, सुगम और टिकाऊ शहरी मॉडल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।