जून 14, 2026

लखनऊ में फर्जी ब्रिगेडियर गिरफ्तार, सेना का अधिकारी बनकर लोगों को करता था गुमराह

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सेना का वरिष्ठ अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने वाले एक युवक को सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की उम्र मात्र 21 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन वह खुद को सेना में ब्रिगेडियर रैंक का अधिकारी बताकर लोगों के बीच प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा था। मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार युवक लंबे समय से सेना की वर्दी पहनकर और खुद को उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क कर रहा था। वह विभिन्न स्थानों पर सेना से जुड़े होने का दावा करता था और अपनी झूठी पहचान के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करता था। उसके व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह होने के बाद सेना के अधिकारियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की, जिसके दौरान युवक की पहचान और उसके दावों की सत्यता की जांच की गई। जांच में पता चला कि वह सेना का कोई अधिकारी नहीं है और उसने फर्जी तरीके से सैन्य पहचान बना रखी थी। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुद को सेना का अधिकारी बताकर लोगों के बीच प्रतिष्ठा हासिल करने की कोशिश करता था। अधिकारियों को आशंका है कि उसने इस पहचान का उपयोग व्यक्तिगत लाभ लेने के लिए भी किया हो सकता है। इस संबंध में उसके मोबाइल फोन, दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सेना की वर्दी और पद का गलत इस्तेमाल करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों से न केवल लोगों को भ्रमित किया जाता है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था और सेना की प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था या अकेले ही इस तरह की गतिविधियां संचालित कर रहा था।

सेना के अधिकारियों ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सेना का अधिकारी बताता है और संदेहास्पद गतिविधियों में शामिल दिखाई देता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि सेना की पहचान और पद का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि उसने अब तक कितने लोगों को अपनी फर्जी पहचान के माध्यम से प्रभावित किया और कहीं किसी प्रकार की ठगी या धोखाधड़ी को अंजाम तो नहीं दिया। यह मामला लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

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