सलोन नगर पंचायत उपचुनाव में बड़ा घटनाक्रम, निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन खारिज

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रविकांत पाण्डेय

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ रायबरेली

रायबरेली। नगर पंचायत सलोन के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सामने आए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और चर्चा में ला दिया है। जांच प्रक्रिया के बाद निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। उनके पर्चे के खारिज होने के बाद अब चुनावी मुकाबले का स्वरूप बदल गया है और सभी की नजरें आगे की चुनावी प्रक्रिया पर टिक गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चंद्रशेखर रस्तोगी ने भी नामांकन दाखिल किया था। वह एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में थे। हालांकि, नामांकन पत्रों की निर्धारित जांच के दौरान उनका आवेदन वैध नहीं पाया गया। प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों और नामांकन से संबंधित औपचारिकताओं की जांच के बाद उनका पर्चा निरस्त कर दिया गया।

जांच प्रक्रिया के बाद 13 नामांकन वैध

नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद कुल 13 नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। यानी अब ये उम्मीदवार नगर पंचायत सलोन के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में बने हुए हैं। वैध प्रत्याशियों की संख्या सामने आने के साथ ही स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

नामांकन की जांच चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दौरान उम्मीदवारों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों, पात्रता से जुड़े कागजात और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का परीक्षण किया जाता है। इसी प्रक्रिया में किसी नामांकन में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं मिलने पर उसे अस्वीकार किया जा सकता है।

सलोन में भी इसी प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की जांच की गई और उसके बाद 13 पर्चों को वैध घोषित किया गया। वहीं, निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन निरस्त होने की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

निवर्तमान चेयरमैन के पर्चे पर टिकी थीं निगाहें

चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन इस चुनाव में महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि वह नगर पंचायत के निवर्तमान चेयरमैन हैं। ऐसे में उनके दोबारा चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में मुकाबले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा थी। अब नामांकन निरस्त होने के बाद चुनावी समीकरण पहले की तुलना में अलग दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, नामांकन खारिज किए जाने के पीछे प्रशासनिक स्तर पर कौन-सी विशेष वजह दर्ज की गई है, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश या संबंधित निर्वाचन दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी। इसलिए केवल नामांकन निरस्त होने की सूचना के आधार पर किसी विशेष कारण का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

13 उम्मीदवारों के बीच अब मुकाबला

चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन रद्द होने के बाद वैध पाए गए 13 प्रत्याशी अब चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगे। आगामी चरणों में नाम वापसी की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद ही यह तस्वीर और स्पष्ट होगी कि अंतिम रूप से कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहते हैं।

इसके बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे और स्थानीय स्तर पर प्रचार अभियान तेज होगा। सलोन नगर पंचायत के मतदाताओं के बीच भी चुनाव को लेकर चर्चा बढ़ने की संभावना है।

नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव स्थानीय निकाय की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। अध्यक्ष के नेतृत्व में नगर क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय प्रशासन से संबंधित मुद्दों को आगे बढ़ाया जाता है। ऐसे में उपचुनाव के परिणाम का नगर पंचायत की आगामी कार्यप्रणाली पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

लंबे समय से खाली थी अध्यक्ष की कुर्सी

सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद का यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अध्यक्ष का पद काफी समय से रिक्त चल रहा था। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पद लगभग 14 महीने से खाली था। अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद स्थानीय राजनीति में फिर से सक्रियता बढ़ी है।

चुनाव की घोषणा के बाद उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इससे पहले नामांकन पत्रों की खरीद को लेकर भी उम्मीदवारों में उत्साह दिखाई दिया था। एक रिपोर्ट के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया के शुरुआती दिनों में 12 उम्मीदवारों ने कुल 20 नामांकन पत्र खरीदे थे।

चुनावी माहौल में बढ़ेगी हलचल

अब नामांकन जांच के बाद चुनावी तस्वीर का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। 13 वैध उम्मीदवारों के सामने आने से सलोन में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों के साथ मतदाताओं तक पहुंच बनाने का प्रयास करेंगे।

स्थानीय चुनावों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा प्रबंधन और नगर क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दे अक्सर चर्चा के केंद्र में रहते हैं। इस चुनाव में भी स्थानीय मतदाताओं की प्राथमिकताएं उम्मीदवारों के प्रचार अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।

वहीं, चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन खारिज होने के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। नामांकन निरस्तीकरण के संबंध में यदि कोई आपत्ति, अपील अथवा कानूनी प्रक्रिया सामने आती है तो उससे चुनावी तस्वीर में आगे बदलाव संभव है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच के बाद उनका नामांकन वैध प्रत्याशियों की सूची में शामिल नहीं है।

आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर

अब सभी की निगाहें नाम वापसी और अंतिम प्रत्याशी सूची पर रहेंगी। इसके बाद चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से और अधिक सक्रिय रूप लेगा। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 13 अक्टूबर को मतदान और 15 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है।

फिलहाल सलोन नगर पंचायत उपचुनाव में सबसे बड़ा घटनाक्रम निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी के नामांकन का निरस्त होना है। 13 नामांकन वैध पाए जाने के बाद मुकाबले में शामिल उम्मीदवारों के बीच राजनीतिक गतिविधियां बढ़ना तय माना जा रहा है। हालांकि अंतिम चुनावी तस्वीर नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

मुख्य बिंदु

  • निकाय: नगर पंचायत सलोन, रायबरेली
  • चुनाव: अध्यक्ष पद का उपचुनाव
  • महत्वपूर्ण घटनाक्रम: निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन खारिज
  • जांच के बाद वैध नामांकन: 13
  • प्रस्तावित मतदान: 13 अक्टूबर 2026
  • प्रस्तावित मतगणना: 15 अक्टूबर 2026
  • अगला महत्वपूर्ण चरण: नाम वापसी और अंतिम प्रत्याशी सूची

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सलोन नगर पंचायत उपचुनाव में बड़ा घटनाक्रम, निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन खारिज

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 25, 2026

रविकांत पाण्डेय

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ रायबरेली

रायबरेली। नगर पंचायत सलोन के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सामने आए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और चर्चा में ला दिया है। जांच प्रक्रिया के बाद निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। उनके पर्चे के खारिज होने के बाद अब चुनावी मुकाबले का स्वरूप बदल गया है और सभी की नजरें आगे की चुनावी प्रक्रिया पर टिक गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चंद्रशेखर रस्तोगी ने भी नामांकन दाखिल किया था। वह एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में थे। हालांकि, नामांकन पत्रों की निर्धारित जांच के दौरान उनका आवेदन वैध नहीं पाया गया। प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों और नामांकन से संबंधित औपचारिकताओं की जांच के बाद उनका पर्चा निरस्त कर दिया गया।

जांच प्रक्रिया के बाद 13 नामांकन वैध

नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद कुल 13 नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। यानी अब ये उम्मीदवार नगर पंचायत सलोन के अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में बने हुए हैं। वैध प्रत्याशियों की संख्या सामने आने के साथ ही स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

नामांकन की जांच चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दौरान उम्मीदवारों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों, पात्रता से जुड़े कागजात और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का परीक्षण किया जाता है। इसी प्रक्रिया में किसी नामांकन में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं मिलने पर उसे अस्वीकार किया जा सकता है।

सलोन में भी इसी प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की जांच की गई और उसके बाद 13 पर्चों को वैध घोषित किया गया। वहीं, निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन निरस्त होने की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

निवर्तमान चेयरमैन के पर्चे पर टिकी थीं निगाहें

चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन इस चुनाव में महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि वह नगर पंचायत के निवर्तमान चेयरमैन हैं। ऐसे में उनके दोबारा चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में मुकाबले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा थी। अब नामांकन निरस्त होने के बाद चुनावी समीकरण पहले की तुलना में अलग दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, नामांकन खारिज किए जाने के पीछे प्रशासनिक स्तर पर कौन-सी विशेष वजह दर्ज की गई है, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश या संबंधित निर्वाचन दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी। इसलिए केवल नामांकन निरस्त होने की सूचना के आधार पर किसी विशेष कारण का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

13 उम्मीदवारों के बीच अब मुकाबला

चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन रद्द होने के बाद वैध पाए गए 13 प्रत्याशी अब चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगे। आगामी चरणों में नाम वापसी की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद ही यह तस्वीर और स्पष्ट होगी कि अंतिम रूप से कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहते हैं।

इसके बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे और स्थानीय स्तर पर प्रचार अभियान तेज होगा। सलोन नगर पंचायत के मतदाताओं के बीच भी चुनाव को लेकर चर्चा बढ़ने की संभावना है।

नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव स्थानीय निकाय की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। अध्यक्ष के नेतृत्व में नगर क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय प्रशासन से संबंधित मुद्दों को आगे बढ़ाया जाता है। ऐसे में उपचुनाव के परिणाम का नगर पंचायत की आगामी कार्यप्रणाली पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

लंबे समय से खाली थी अध्यक्ष की कुर्सी

सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद का यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अध्यक्ष का पद काफी समय से रिक्त चल रहा था। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पद लगभग 14 महीने से खाली था। अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद स्थानीय राजनीति में फिर से सक्रियता बढ़ी है।

चुनाव की घोषणा के बाद उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इससे पहले नामांकन पत्रों की खरीद को लेकर भी उम्मीदवारों में उत्साह दिखाई दिया था। एक रिपोर्ट के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया के शुरुआती दिनों में 12 उम्मीदवारों ने कुल 20 नामांकन पत्र खरीदे थे।

चुनावी माहौल में बढ़ेगी हलचल

अब नामांकन जांच के बाद चुनावी तस्वीर का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। 13 वैध उम्मीदवारों के सामने आने से सलोन में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों के साथ मतदाताओं तक पहुंच बनाने का प्रयास करेंगे।

स्थानीय चुनावों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा प्रबंधन और नगर क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दे अक्सर चर्चा के केंद्र में रहते हैं। इस चुनाव में भी स्थानीय मतदाताओं की प्राथमिकताएं उम्मीदवारों के प्रचार अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।

वहीं, चंद्रशेखर रस्तोगी का नामांकन खारिज होने के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। नामांकन निरस्तीकरण के संबंध में यदि कोई आपत्ति, अपील अथवा कानूनी प्रक्रिया सामने आती है तो उससे चुनावी तस्वीर में आगे बदलाव संभव है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच के बाद उनका नामांकन वैध प्रत्याशियों की सूची में शामिल नहीं है।

आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर

अब सभी की निगाहें नाम वापसी और अंतिम प्रत्याशी सूची पर रहेंगी। इसके बाद चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से और अधिक सक्रिय रूप लेगा। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 13 अक्टूबर को मतदान और 15 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है।

फिलहाल सलोन नगर पंचायत उपचुनाव में सबसे बड़ा घटनाक्रम निवर्तमान चेयरमैन चंद्रशेखर रस्तोगी के नामांकन का निरस्त होना है। 13 नामांकन वैध पाए जाने के बाद मुकाबले में शामिल उम्मीदवारों के बीच राजनीतिक गतिविधियां बढ़ना तय माना जा रहा है। हालांकि अंतिम चुनावी तस्वीर नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

मुख्य बिंदु